खूंटी। झारखंड के खूंटी में बुधवार, 30 सितंबर की देर शाम टैंकर में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। एनएच-20 पर इंडियन ऑयल डिपो से करीब 200–300 मीटर दूर खड़े खाली तेल टैंकर के केबिन में लपटें उठीं। चालक ने तुरंत नीचे कूदकर अपनी जान बचाई।
एसजीवीएस अस्पताल के सामने हुई इस घटना के बाद आसपास खड़े दूसरे तेल टैंकरों को सुरक्षित स्थान पर हटाया गया। डिपो की नजदीकी और अन्य टैंकरों की मौजूदगी के कारण आग फैलने की आशंका ने लोगों की चिंता बढ़ा दी।
अग्निशमन दस्ते ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, केबिन में आग किस वजह से लगी, इसका तत्काल पता नहीं चल सका है।
पार्क करते समय केबिन से उठने लगीं लपटें
उपलब्ध घटनाविवरण के मुताबिक, रांची निवासी चालक जियाऊल हक टैंकर में ईंधन भरवाने के लिए डिपो पहुंचा था। शाम करीब सवा सात से साढ़े सात बजे के बीच वह अस्पताल के सामने सड़क किनारे वाहन पार्क कर रहा था।
चालक के अनुसार, गाड़ी आगे-पीछे करने के दौरान केबिन से अचानक तेज धमाके जैसी आवाज आई। इसके तुरंत बाद आग भड़क उठी। खतरा समझते ही उसने नीचे छलांग लगा दी और खुद को सुरक्षित किया।
यह आवाज किस वजह से आई, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। चालक के बयान को तकनीकी जांच का निष्कर्ष मानना जल्दबाजी होगी।
डिपो के पास टैंकर में आग, तुरंत हटाए दूसरे वाहन
घटनास्थल पर सबसे बड़ी चिंता आसपास खड़े तेल टैंकरों को लेकर थी। लपटें उठते ही वहां मौजूद चालकों ने दूसरे वाहनों को हटाना शुरू किया। इससे आग को अन्य टैंकरों तक पहुंचने से रोकने के लिए सुरक्षित दूरी बनाई जा सकी।
अस्पताल के सामने घटना ने बढ़ाई चिंता
एक तरफ तेल डिपो, दूसरी तरफ अस्पताल और पास से गुजरता एनएच-20—इस स्थान पर आग लगने से आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा अहम हो गई।
टैंकर में आग लगने के बाद दूसरे वाहनों को हटाना और अग्निशमन विभाग को सूचना देना राहत कार्य के शुरुआती महत्वपूर्ण कदम रहे। उपलब्ध विवरण में अस्पताल खाली कराने या हाईवे बंद करने की जानकारी नहीं है।
सूचना के करीब 20 मिनट बाद पहुंचा अग्निशमन दस्ता
दिए गए घटनाविवरण के अनुसार, अस्पताल कर्मी तिलक सिंह ने अग्निशमन विभाग को सूचना दी। इसके करीब 20 मिनट बाद दस्ता घटनास्थल पर पहुंचा और आग बुझाने का काम शुरू किया।
दमकलकर्मियों ने मशक्कत के बाद लपटों पर पूरी तरह काबू पाया। हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, केबिन के पिछले हिस्से को नुकसान पहुंचा, जबकि तेल रखने वाला टैंक वाला हिस्सा सुरक्षित रहा।
अब आग के कारण और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर
टैंकर में आग की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित विभाग घटना के कारणों की जांच कर रहा है। नुकसान का विस्तृत आधिकारिक आकलन भी सामने आना बाकी है।
इस घटना के बाद प्रशासन और डिपो प्रबंधन के लिए आसपास टैंकरों की पार्किंग, वाहनों के बीच दूरी और आपात स्थिति में दमकल की पहुंच की समीक्षा महत्वपूर्ण होगी। चालक की तत्परता और दूसरे टैंकरों को समय रहते हटाने से खतरा टला; अब जांच से स्पष्ट होना चाहिए कि ऐसी घटना दोबारा रोकने के लिए क्या सुधार जरूरी हैं।










