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Ranchi

मुरी: हिंडाल्को के खिलाफ आर-पार की जंग, विधायक ने संभाला मोर्चा

Silli | झारखंड के सिल्ली-मुरी स्थित हिंडाल्को प्लांट के बाहर सैकड़ों मजदूरों का सब्र आखिरकार टूट गया। प्रबंधन की कथित मनमानी और मनमाने ढंग से गेट पास रोकने के विरोध में कामगार सड़क पर उतर आए हैं।

करोड़ों का मुनाफा कमाने वाली कंपनी पर स्थानीय गरीब श्रमिकों के शोषण का सीधा आरोप लगा है। बिना किसी पूर्व नोटिस के मजदूरों के प्लांट प्रवेश पर रोक लगाने और वेतन कटौती की कार्रवाई ने इस विवाद को भड़का दिया है।

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हालात बिगड़ते देख सिल्ली विधायक अमित महतो खुद मजदूरों के बीच पहुंचे और प्रबंधन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया। श्रमिकों ने साफ चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो पूरा प्लांट ठप कर दिया जाएगा।

गेट पर तालाबंदी और वेतन कटौती

मुरी स्थित हिंडाल्को संयंत्र के मुख्य गेट पर सुबह से ही तनाव का माहौल बना हुआ है। वर्षों से कारखाने में पसीना बहा रहे मजदूरों का आरोप है कि प्रबंधन ठेका प्रथा की आड़ में बुनियादी हकों का हनन कर रहा है।

“सालों से प्लांट में अपनी जवानी खपा दी, लेकिन आज बिना किसी चिट्ठी के गेट बंद कर दिया गया। हक मांगो तो नौकरी से निकालने की धमकी मिलती है। क्या स्थानीय होना ही हमारा सबसे बड़ा अपराध है?” — प्रदर्शनकारी मजदूर, हिंडाल्को मुरी

मजदूरों का कहना है कि सुरक्षा मानकों में भारी लापरवाही बरती जा रही है, जिससे हर दिन जान का जोखिम बना रहता है। इसके बावजूद न तो स्थायी रोजगार की कोई नीति है और न ही काम के अनुरूप पूरा वेतन दिया जा रहा है।

विधायक अमित महतो का कड़ा रुख: ‘तानाशाही बर्दाश्त नहीं होगी’

आंदोलन तेज होते ही सिल्ली के स्थानीय विधायक अमित महतो धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने श्रमिकों को संबोधित करते हुए कंपनी प्रबंधन की कार्यशैली पर कड़े सवाल खड़े किए।

महतो ने दो टूक शब्दों में कहा कि कॉरपोरेट मुनाफे के लिए स्थानीय भूमिपुत्रों और श्रमिकों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।

श्रमिकों की तीन प्रमुख मांगें:

  • गेट पास बहाली: मनमाने ढंग से रोके गए सभी श्रमिकों के गेट पास तुरंत चालू किए जाएं।
  • ठेका प्रथा का अंत: वर्षों से कार्यरत कामगारों के लिए स्थायीकरण की स्पष्ट नीति लागू हो।
  • सुरक्षा व वेतन विसंगति दूर करना: प्लांट में पर्याप्त सुरक्षा उपकरण मुहैया कराए जाएं और काटा गया वेतन वापस मिले।

क्या ठप होगा उत्पादन? जानिए आगे क्या होगा

प्रदर्शन के चलते कंपनी के सामान्य कामकाज पर असर पड़ने लगा है। स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं ताकि विधि-व्यवस्था बिगड़ने से रोकी जा सके।

प्रशासन अब प्रबंधन और श्रमिक प्रतिनिधियों के बीच त्रिपक्षीय वार्ता कराने की तैयारी में है। अगर वार्ता किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचती, तो श्रमिकों का यह आक्रोश सिर्फ मुरी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे सिल्ली क्षेत्र के औद्योगिक पहिये को थाम सकता है।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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