रांची । झारखंड में आज कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। रांची मौसम केंद्र के सुबह 8:30 बजे तक के अवलोकन पर आधारित बुलेटिन के मुताबिक, यह संभावना पूरे राज्य में एक जैसी नहीं है।
29 सितंबर से 2 अक्टूबर तक भी कहीं-कहीं बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। मौसम केंद्र ने इस अवधि के लिए कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की है।
पिछले 24 घंटों में कुछ स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश दर्ज हुई। सबसे अधिक 11.0 मिमी बारिश सिमडेगा जिले के बानो स्थित मौसम केंद्र में रिकॉर्ड की गई।
आज और अगले चार दिन कैसा रहेगा मौसम?
रांची मौसम केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, 28 सितंबर को राज्य में सामान्यतः बादल छाए रहेंगे। कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। 29 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच भी कहीं-कहीं ऐसी गतिविधि होने की संभावना है।
मौसम केंद्र ने 3 और 4 अक्टूबर के लिए अधिक बादल छाने और मौसम शुष्क रहने का पूर्वानुमान दिया है। पूर्वानुमान बदल सकता है, इसलिए यात्रा या खुले में कार्यक्रम की योजना बना रहे लोग दिन का ताजा स्थानीय अपडेट देख लें।

तापमान में कितनी राहत मिलेगी?
मौसम केंद्र के मुताबिक, अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक 34.2°C तापमान सरायकेला-खरसावां स्थित सरायकेला मौसम केंद्र में दर्ज हुआ, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.4°C लोहरदगा में रिकॉर्ड किया गया।
रांची में अधिकतम तापमान 29.3°C और न्यूनतम 20.8°C दर्ज हुआ। जमशेदपुर में अधिकतम तापमान 33.7°C रहा। ये दर्ज किए गए तापमान हैं; इन्हें आज के अनुमानित तापमान के तौर पर न पढ़ें।
बारिश का असर कहाँ महसूस हो सकता है?
पूर्वानुमान में बारिश की संभावना ‘कहीं-कहीं’ बताई गई है। यानी एक ही जिले के अलग-अलग इलाकों में मौसम अलग रह सकता है। सुबह की रिपोर्ट में रांची के लिए पिछले 24 घंटों की बारिश 0.0 मिमी दर्ज है, जबकि बानो में 11.0 मिमी बारिश हुई।
गरज वाले बादल दिखने पर खुले मैदान और पेड़ों के नीचे रुकने से बचें। किसी इलाके में मौसम तेजी से बदले तो रांची मौसम केंद्र की तात्कालिक सूचना देखें।
आगे क्या देखें?
फिलहाल 2 अक्टूबर तक छिटपुट बारिश की संभावना बनी हुई है और मौसम केंद्र के जारी चार्ट में कोई चेतावनी नहीं है। अगला दैनिक बुलेटिन यह स्पष्ट करेगा कि सप्ताह के अंत तक शुष्क मौसम का अनुमान बरकरार रहता है या उसमें बदलाव आता है।











