रांची: राजधानी रांची के पॉश इलाके हरमू में उस वक्त भारी तनाव फैल गया, जब असामाजिक तत्वों ने जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर कालिख पोत दी।
सुबह की सैर पर निकले स्थानीय लोगों ने जब प्रतिमा का यह हाल देखा, तो मौके पर देखते ही देखते भारी भीड़ जुट गई। घटना की खबर फैलते ही राजधानी के सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है।
भारतीय जनता पार्टी ने इसे सोची-समझी साजिश करार देते हुए हेमंत सरकार की कानून-व्यवस्था पर सीधा हमला बोला है। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने दो टूक चेतावनी देते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
हरमू में तनाव: कायराना हरकत के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग
घटना हरमू इलाके की है, जहां डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की आदमकद प्रतिमा स्थापित है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अज्ञात उपद्रवियों ने अंधेरे का फायदा उठाकर प्रतिमा के चेहरे को कालिख से विकृत करने की कोशिश की।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में करने के लिए प्रतिमा की तत्काल सफाई कराई गई। इलाके में एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। स्थानीय लोगों में इस दुस्साहस को लेकर गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।
प्रतुल शाहदेव की दो टूक: ‘यह राष्ट्रवादी चेतना पर सीधा हमला’
झारखंड भाजपा के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए प्रशासन को आड़े हाथों लिया।
“डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाली राष्ट्रीय चेतना के प्रतीक हैं। उनकी प्रतिमा पर कालिख पोतना सिर्फ एक मूर्ति का अपमान नहीं, बल्कि पूरे देश की लोकतांत्रिक और राष्ट्रवादी भावना को चुनौती देना है।”
— प्रतुल शाहदेव, मुख्य प्रवक्ता, झारखंड भाजपा
प्रतुल शाहदेव ने आगे कहा कि कालिख पोतने वाले यह समझ लें कि ऐसी कायराना हरकतों से डॉ. मुखर्जी के विचारों की रोशनी कभी धुंधली नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा, “झारखंड वीरों, शहीदों और राष्ट्रनायकों की पावन धरती है। यहां महापुरुषों का ऐसा अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लोकतंत्र में मुकाबला विचारों से होता है, कालिख और अंधेरे में किए गए हमलों से नहीं।”
हेमंत सरकार की कानून-व्यवस्था पर उठे तीखे सवाल
इस घटना ने राजधानी में पुलिसिया गश्त और खुफिया तंत्र पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। हरमू जैसे व्यस्त इलाके में रात के समय प्रतिमा के साथ ऐसी हरकत हो जाना प्रशासनिक चौकसी की पोल खोलता है।
भाजपा प्रवक्ता ने सरकार से सीधा सवाल करते हुए कहा कि राज्य में असामाजिक तत्वों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं? उन्होंने मांग रखी कि पुलिस आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाले और इस कृत्य के पीछे छिपे पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश करे।
सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू, अल्टीमेटम जारी
प्रशासन ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज जुटाने शुरू कर दिए हैं ताकि आरोपियों के हुलिए और भागने की दिशा का पता लगाया जा सके। भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर दोषियों को 24 से 48 घंटे के भीतर सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो पार्टी सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।










