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युवाओं को मंच: RKDF यूनिवर्सिटी के डॉ. अमित पांडेय सम्मानित

Ranchi | झारखंड के मेधावी युवाओं को उच्च शिक्षा और कौशल विकास से जोड़ने के प्रयासों को राज्य स्तर पर बड़ा सम्मान मिला है। रांची में आयोजित प्रतिष्ठित ‘संवाद’ सम्मेलन में आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी के प्रति कुलपति डॉ. अमित कुमार पांडेय को ‘कांके टॉक्स संवाद सम्मान 2026’ से नवाजा गया।

यह सम्मान उन्हें राज्य भर के प्रतिभाशाली छात्रों को तराशने और उच्च शिक्षा में ठोस मार्गदर्शन देने के लिए दिया गया। समारोह में मौजूद पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय हस्तियों ने माना कि जमीनी स्तर पर युवाओं को मंच देना ही राज्य की असली तरक्की की बुनियाद है।

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रांची के सेलिब्रेशन बैंक्वेट हॉल में आयोजित इस भव्य मंच पर राज्य के कई दिग्गज मौजूद रहे। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने मंच से खुद डॉ. पांडेय को यह प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो सौंपा।

दिग्गज हस्तियों के बीच गूंजा ‘युवा सशक्तिकरण’ का मुद्दा

कांके टॉक्स के बैनर तले आयोजित इस विमर्श में राज्य के बौद्धिक और राजनीतिक दिग्गजों का जमावड़ा दिखा। पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा के साथ मंच पर राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, पूर्व सांसद महेश पोद्दार, पद्मश्री वरिष्ठ पत्रकार बलबीर दत्त और पद्मश्री लोक कलाकार मुकुंद नायक जैसी शख्सियतें मौजूद रहीं।

मंच से वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि झारखंड के पास प्रतिभा की कमी नहीं है, बस उसे सही दिशा और आधुनिक तकनीक से लैस उच्च शिक्षा के संसाधन चाहिए।

“सिर्फ डिग्री बांटना शिक्षा नहीं”: डॉ. अमित पांडेय का दो टूक संदेश

अवॉर्ड ग्रहण करने के बाद डॉ. अमित कुमार पांडेय ने कहा कि शिक्षा का दायरा किताबों और कागजी डिग्रियों तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा:

“राज्य के मेधावी और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को पहचान, सम्मान और आगे बढ़ने का अवसर दिलाना केवल दायित्व नहीं, हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है। RKDF University, Ranchi विद्यार्थियों के हितों और उज्ज्वल भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा, कौशल विकास और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।”

उन्होंने आगे कहा कि आज के छात्र का आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता ही कल के झारखंड और भारत की तस्वीर तय करेगा। प्रतिभा को सही मंच मिले तो राज्य का हर युवा अपने सपनों को साकार कर सकता है।

उच्च शिक्षा और रोजगार के बीच का गैप पाटने की रणनीति

झारखंड में उच्च शिक्षा के स्तर पर कौशल की कमी और पलायन हमेशा से बड़ा मुद्दा रहा है। संवाद कार्यक्रम में इस बात पर गंभीर मंथन हुआ कि कैसे स्थानीय शिक्षण संस्थान वैश्विक स्तर की शिक्षा और इंडस्ट्री के अनुरूप स्किलिंग यहीं उपलब्ध कराएं।

आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी की पहल को इस दिशा में एक कारगर मॉडल के तौर पर सराहा गया, जहां विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, तकनीकी दक्षता और रोजगारपरक शिक्षा पर सीधा जोर दिया जा रहा है।

प्रतिभाओं के लिए नए अवसरों की राह

इस सम्मान के बाद अब नजर इस बात पर है कि राज्य के उच्च शिक्षण संस्थान इस विजन को जमीन पर कैसे उतारते हैं। डॉ. पांडेय के अनुसार, आगामी सत्रों में यूनिवर्सिटी ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों के होनहार विद्यार्थियों के लिए विशेष मेंटरशिप प्रोग्राम और स्कॉलरशिप की पहल तेज करेगी, ताकि किसी भी युवा की प्रतिभा संसाधनों के अभाव में दम न तोड़े।

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JP Mahto

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