Ranchi | ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान गोविंदों के जयकारों और माखन की मटकी की गूंज से सराबोर हो उठा। मौका था श्री कृष्ण जन्मोत्सव आयोजन समिति द्वारा आयोजित भव्य दही हांडी प्रतियोगिता का, जहां मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने पहुंचकर न सिर्फ युवाओं का उत्साह बढ़ाया, बल्कि पूरे राज्य के लिए खुशहाली और तरक्की का बड़ा संदेश दिया।
मैदान में हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं और दूर-दराज से आई गोविंदा टोलियों ने इस पावन पर्व को एक अलग ही ऊर्जा दे दी। मुख्यमंत्री ने औपचारिक रूप से प्रतियोगिता का शुभारंभ किया और प्रतिभागियों के जज्बे को सलाम करते हुए उन्हें मंच से सम्मानित भी किया।
जन्माष्टमी के इस खास मौके पर सत्ता पक्ष के कई दिग्गज चेहरे एक साथ मोरहाबादी के मंच पर नजर आए। राजनीतिक सरगर्मियों के बीच सांस्कृतिक मंच पर इस एकजुटता ने आयोजन को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया।
मोरहाबादी में गोविंदाओं का जोश: जब बंधी मानव श्रृंखला
हजारों की भीड़, ढोल-नगाड़ों की थाप और आसमान छूती दही हांडी—मोरहाबादी मैदान का नजारा किसी महाकुंभ से कम नहीं लग रहा था। शहर और आसपास के इलाकों से आई टोलियां कई फीट ऊंची बंधी मटकी को फोड़ने के लिए एक-दूसरे के कंधों पर चढ़कर संतुलन साधती नजर आईं।
प्रतिभागियों के हर प्रयास पर मैदान में खड़े लोग तालियों और जय श्री कृष्ण के नारों से समां बांध रहे थे। प्रशासन और आयोजन समिति ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे, ताकि उत्सव का रंग पूरी तरह अनुशासित और सुरक्षित बना रहे।

“कृष्ण के उपदेशों से ही मजबूत होगा समाज”: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने भगवान श्री कृष्ण के जीवन दर्शन को आज के दौर में सबसे प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि सत्य, धर्म, प्रेम और कर्तव्य के पथ पर अडिग रहने की निरंतर प्रेरणा है।
मुख्यमंत्री ने जनता को संबोधित करते हुए कहा:
“आज यहां उपस्थित श्रद्धालुओं की भीड़ ने इस पावन बेला को और ज्यादा उत्साहपूर्ण बना दिया है। भगवान श्री कृष्ण का जीवन मानवता को करुणा और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की सीख देता है। हमें उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारकर समाज में प्रेम, भाईचारा और आपसी सद्भाव को मजबूत करना होगा।”
उन्होंने आगे कहा कि भगवान श्री कृष्ण का आशीर्वाद झारखंड की सवा तीन करोड़ जनता पर सदैव बना रहे, जिससे राज्य निरंतर विकास और उन्नति की नई ऊंचाइयों को छू सके।
एक मंच पर दिखे सियासी दिग्गज: क्या हैं इसके मायने?
इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन में सियासी तालमेल भी साफ झलका। मंच पर मुख्यमंत्री के साथ झारखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, कृषि मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर और विधायक सुरेश कुमार बैठा मौजूद रहे।
आयोजन समिति के संरक्षक राजीव रंजन प्रसाद की देखरेख में हुए इस कार्यक्रम में सत्ता पक्ष के नेताओं की यह मौजूदगी सिर्फ एक पर्व का हिस्सा नहीं, बल्कि आने वाले दिनों के लिए सामाजिक और राजनीतिक एकजुटता का भी स्पष्ट संकेत देती दिखी।
आगे क्या: सांस्कृतिक आयोजनों के जरिए जन-जुड़ाव की तैयारी
रांची में दही हांडी का यह सफल आयोजन यह दिखाता है कि त्योहारों के जरिए जनता और नेतृत्व का सीधा संवाद कितना प्रभावी साबित होता है। आने वाले त्योहारी सीजन (दुर्गा पूजा और करम) को लेकर प्रशासन ने अभी से मोरहाबादी जैसे प्रमुख मैदानों में क्राउड मैनेजमेंट और सुरक्षा प्रोटोकॉल को और कड़ा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।











