Ranchi : झारखंड में लगातार हो रही बारिश से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मौसम विभाग (IMD) की ओर से जारी ताजा अपडेट के मुताबिक राज्य के कई जिलों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
रांची, हजारीबाग और लातेहार समेत कई इलाकों में मूसलाधार बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत दी है। हालांकि, कई जगहों पर जलभराव के कारण जनजीवन भी प्रभावित हुआ है।
मौसम केंद्र बिरसा मुंडा एयरपोर्ट, रांची द्वारा 29 जुलाई 2026 की सुबह जारी बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई है।
ग्राउंड रिपोर्ट: कहां कितनी हुई बारिश, किस शहर में गिरा पारा?
मैदान से मिली जानकारी के अनुसार, राजधानी रांची और इसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है। हजारीबाग के कोणार्क क्षेत्र में सबसे अधिक 51.8 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि रांची के कांके इलाके में 44.2 मिमी बारिश हुई है। इसके अलावा लातेहार के चंदवा में 42.8 मिमी और रांची शहर में 17.4 मिमी बारिश दर्ज की गई।
बारिश के कारण राज्य भर में तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है। राजधानी रांची का अधिकतम तापमान 26.4°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.3°C कम है। वहीं, राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान लातेहार (AWS) में 20.6°C रिकॉर्ड किया गया।
दूसरी ओर, मेदिनीनगर (डाल्टनगंज) 32.7°C के साथ राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा।
ऑटोमेटेड वेदर स्टेशन (AWS) के आंकड़े: प्रमुख जिलों का हाल
नीचे दी गई तालिका से समझिए कि पिछले 24 घंटों में आपके जिले में मौसम का क्या रुख रहा:
| जिला / स्टेशन | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) | 24 घंटे में बारिश (mm) |
| रांची (MC) | 26.4 | 22.2 | 17.4 |
| कांके (रांची) | 27.5 | 21.5 | 44.2 |
| हजारीबाग (AWS) | 29.1 | 25.4 | 18.5 |
| लातेहार (AWS) | 24.9 | 20.6 | 17.0 |
| जमशेदपुर | 30.4 | 25.2 | 1.7 |
| बोकारो (AWS) | 29.5 | 25.4 | 2.0 |
| बहरागोड़ा (पूर्वी सिंहभूम) | 29.5 | 25.9 | 12.5 |
| सिमडेगा (बानो AWS) | 28.5 | 24.5 | 9.5 |
कम विजिबिलिटी और लोकल सिस्टम पर असर
झमाझम बारिश का सीधा असर विजिबिलिटी पर भी पड़ा है। रांची मौसम केंद्र के अनुसार, सुबह के समय विजिबिलिटी घटकर 1500 मीटर रह गई, जिससे हवाई और सड़क यातायात की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ी।
निचले इलाकों में पानी भरने से स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड पर है। खेतों में पानी पहुंचने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं, क्योंकि धान की रोपनी के लिए यह बारिश बेहद फायदेमंद मानी जा रही है।
What Next: आगे क्या होगा?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले 24 से 48 घंटों तक राज्य के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहेगा। आपदा प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव से सतर्क रहने की सलाह दी है।











