Ranchi | झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और जेपीएससी (JPSC) विवाद को लेकर राज्य का सियासी पारा एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व राज्यपाल रघुवर दास ने राज्य सरकार और कांग्रेस पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए रघुवर दास ने कांग्रेस की नीयत और नैतिकता पर सीधे सवाल खड़े कर दिए।
उन्होंने सीधे तौर पर चुनौती देते हुए कहा कि नीट (NEET) मामले पर देशभर में आंदोलन का ढोंग करने वाली कांग्रेस में अगर जरा सी भी नैतिकता बची है, तो वह तुरंत झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार से अपना समर्थन वापस लेकर दिखाए। रघुवर दास ने आरोप लगाया कि राज्य के लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटका है और सत्ता में बैठी कांग्रेस पूरी तरह मौन साधे हुए है।
14वीं JPSC और ब्लैकलिस्टेड एजेंसी पर घेरा, उठाई CBI जांच की मांग
प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ियों पर विस्तृत बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने 14वीं JPSC पीटी परीक्षा के टेंडर आवंटन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में ब्लैकलिस्टेड और 2025 में खुद झारखंड में JSSC द्वारा ब्लैकलिस्ट की जा चुकी प्राइवेट एजेंसी (TDPL) को आखिर JPSC में वन-टाइम रजिस्ट्रेशन से लेकर रिजल्ट प्रोसेसिंग तक के 8 मुख्य कार्यों का जिम्मा कैसे दे दिया गया?
‘पेपर लीक में झारखंड का देश में पहला स्थान’
रघुवर दास ने कहा कि आज झारखंड का नाम पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली के मामले में देश में सबसे ऊपर आ चुका है। एक साथ नौ प्रतियोगी परीक्षाओं को स्थगित करने का शर्मनाक रिकॉर्ड इसी सरकार के नाम दर्ज है।
उन्होंने कहा:
“अगर केंद्र सरकार नीट मामले में तत्परता दिखाते हुए सीबीआई (CBI) जांच के आदेश दे सकती है और 13 आरोपियों को जेल भेज सकती है, तो झारखंड सरकार 14वीं जेपीएससी और पूर्व की सभी गड़बड़ियों की जांच सीबीआई से कराने से क्यों डर रही है?”
‘उत्पाद सिपाही भर्ती के मृतकों को मिले 1-1 करोड़ का मुआवजा’
ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान सामने आई युवाओं की बदहाली का जिक्र करते हुए पूर्व सीएम ने उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा की बदइंतजामी का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि बिना सही व्यवस्था के आनन-फानन में आयोजित की गई दौड़ में 19 आदिवासी-मूलवासी झारखंडी युवाओं को अपनी जान गंवानी पड़ी और सैकड़ों अस्पताल पहुंचे।
रघुवर दास ने मांग की है कि:
- राहुल गांधी झारखंड आकर भगवान बिरसा मुंडा की पावन धरती को नमन करें और इन मृत युवाओं को श्रद्धांजलि दें।
- राज्य सरकार उत्पाद सिपाही भर्ती दौड़ में मारे गए सभी 19 युवाओं के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा तत्काल जारी करे।
क्षेत्रीय भाषाओं और एडमिट कार्ड का सच आया सामने
प्रेस वार्ता में उन्होंने परीक्षा तंत्र की ढुलमुल कार्यशैली के कुछ जमीनी तथ्य भी सामने रखे। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय कार्यकर्ता परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्रों को एडमिट कार्ड डाउनलोड करने का लिंक मिल रहा है। वहीं, संथाली भाषा के पर्चे में 100 में से 40 से अधिक प्रश्न निर्धारित पाठ्यक्रम (Syllabus) से बाहर के पूछे गए।
रघुवर दास ने कहा कि एक तरफ केंद्र सरकार ने सख्त कानून बनाकर 10 साल की सजा और 10 करोड़ रुपये के जुर्माने का कड़ा प्रावधान किया है, वहीं दूसरी तरफ झारखंड की सरकार दोषियों को सजा देने के बजाय उन्हें संरक्षण देने में लगी है। उन्होंने छात्रों से अपील की है कि वे किसी राजनीतिक उकसावे में न आएं और अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तथा शांतिपूर्ण तरीके से रखें।
What Next: आगे क्या होगा?
झारखंड में युवाओं का बढ़ता आक्रोश और विपक्ष के हमलावर तेवर इस बात के संकेत हैं कि आने वाले दिनों में JPSC और पेपर लीक का मुद्दा सड़क से लेकर विधानसभा तक गूंजेगा। केंद्र सरकार द्वारा कड़े कानून लागू किए जाने के बाद अब गेंद राज्य सरकार के पाले में है। देखने वाली बात यह होगी कि क्या हेमंत सरकार विपक्ष के दबाव में आकर JPSC धांधली की सीबीआई जांच की सिफारिश करती है या फिर इस मुद्दे पर सियासत और तेज होती है।









