भोजपुरी गाने ‘बाप चलावे सैलून’ को लेकर बिहार से झारखंड तक भारी आक्रोश फैल गया है। गाने में पारंपरिक पेशे और महिलाओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर नाई समाज सड़कों पर उतर आया है।
मुजफ्फरपुर साइबर थाने में गायक गणेश लाजवाब यादव के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की तकनीकी जांच शुरू करते हुए वीडियो का ऑनलाइन प्रसारण रोकने की कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी है।
विवाद गहराने के बाद बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति मंत्री ने भी दो टूक चेतावनी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कला या लोकसंगीत की आड़ में किसी भी समुदाय के सम्मान और महिलाओं की गरिमा से समझौता बर्दाश्त नहीं होगा।
मुजफ्फरपुर से उठी चिंगारी: साइबर थाने में दर्ज हुआ केस
मुजफ्फरपुर में राष्ट्रीय नाई महासभा की लिखित शिकायत के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई। समाज के प्रतिनिधियों ने गाने के आपत्तिजनक हिस्सों के वीडियो लिंक और स्क्रीनशॉट साइबर सेल को सौंपे।
शिकायत मिलते ही साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज करने की पुष्टि की। पुलिस अब डिजिटल फॉरेंसिक टीम की मदद से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से इस कंटेंट को हटाने के लिए नोटिस भेजने की तैयारी में है। हालांकि, कानूनी जानकारों का कहना है कि एफआईआर दर्ज होना आरोपों की पुष्टि नहीं है, जांच के बाद ही अंतिम सत्य सामने आएगा।

बिहार से झारखंड तक आक्रोश: फारबिसगंज से लेकर जमशेदपुर तक प्रदर्शन
विवाद केवल मुजफ्फरपुर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका दायरा दो राज्यों तक फैल चुका है:
- फारबिसगंज (बिहार): स्थानीय नाई संघ ने थाने में औपचारिक आवेदन दिया है। संघ ने गायक के साथ-साथ गाने के निर्माता, निर्देशक और एडिटर पर भी सह-आरोपी बनाने की मांग रखी है।
- धनबाद (झारखंड): कोयलांचल के नाई समाज ने संबंधित थाने में शिकायत देकर गाने के सभी डिजिटल राइट्स ब्लॉक करने की अपील की।
- जमशेदपुर (झारखंड): अखिल भारतीय जमशेदपुर नाई संघ के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने उपायुक्त (DC) कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा।
- बोकारो (झारखंड): प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी गई कि यदि 48 घंटे के भीतर विवादित ट्रैक नहीं हटाया गया, तो उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।
समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि सदियों पुराने पारंपरिक पेशे और उनकी रोजी-रोटी का सार्वजनिक उपहास उड़ाना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कला के नाम पर गरिमा से खिलवाड़ नहीं: सरकार का सख्त रुख
विवाद के तूल पकड़ते ही बिहार के कला एवं संस्कृति मंत्री प्रमोद कुमार का आधिकारिक बयान सामने आया। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि भोजपुरी लोकसंगीत की एक समृद्ध और गौरवशाली परंपरा रही है, लेकिन अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर किसी की सामाजिक गरिमा को ठेस पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है।
मंत्री ने कहा कि विभाग इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और लोक कला के संरक्षण के साथ-साथ सामाजिक समरसता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
(नोट: इस पूरे विवाद पर गायक गणेश लाजवाब यादव या उनकी प्रोडक्शन टीम की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है। उनका पक्ष सामने आते ही खबर को अपडेट किया जाएगा।)
कानूनी शिकंजा या डिजिटल बैन?
पुलिस प्रशासन अब यूट्यूब और अन्य ऑडियो-वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी कर इस कंटेंट के यूआरएल (URL) को जियो-ब्लॉक या टेकडाउन कराने की तैयारी में है। वहीं दूसरी ओर, नाई समाज के विभिन्न संगठन कानूनी लड़ाई के साथ-साथ बड़े स्तर पर सड़क पर उतरने की रणनीति बना रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि साइबर पुलिस जांच में क्या कदम उठाती है और संबंधित म्यूजिक लेबल इस गाने पर क्या रुख अपनाता है।












