Saran | बिहार के सारण जिले में गुरुवार देर रात पुलिस और कुख्यात अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ से इलाके में सनसनी फैल गई। अवैध हथियार बरामदगी के लिए पहुंची पुलिस टीम पर बदमाशों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की। इस दौरान दो अपराधी गोली लगने से घायल हो गए।
यह मुठभेड़ सारण जिले के रिवीलगंज थाना क्षेत्र स्थित इनई बगीचा इलाके में हुई। पुलिस पहले से गिरफ्तार अपराधियों की निशानदेही पर वहां अवैध हथियार बरामद करने पहुंची थी।
जैसे ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, बदमाशों ने पुलिस को चकमा देने की कोशिश करते हुए गोलीबारी शुरू कर दी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दो अपराधियों के पैर में गोली लगी।
घायल दोनों अपराधियों को तत्काल छपरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस पूरे इलाके की घेराबंदी कर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
अवैध हथियार बरामदगी के दौरान हुआ एनकाउंटर
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हाल ही में गिरफ्तार किए गए अपराधियों से पूछताछ के दौरान अवैध हथियार छिपाए जाने की जानकारी मिली थी।
इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम आरोपियों को लेकर इनई बगीचा पहुंची थी। इसी दौरान मौके पर मौजूद अन्य अपराधियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी, जिससे मुठभेड़ की स्थिति बन गई।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि फायरिंग पूरी तरह आत्मरक्षा में की गई और किसी भी पुलिसकर्मी को चोट नहीं आई।
घायल अपराधियों की पहचान और आपराधिक इतिहास
एनकाउंटर में घायल अपराधियों की पहचान नगर थाना क्षेत्र के दहियावां निवासी रंजन यादव और अवतार नगर थाना क्षेत्र के धर्म बागी निवासी सोनू राय के रूप में हुई है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, दोनों के खिलाफ पहले से कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों हाल के महीनों में सारण जिले में सक्रिय एक संगठित आपराधिक गिरोह से जुड़े हुए थे।
डॉक्टर किडनैपिंग केस से जुड़ा है पूरा मामला
पुलिस ने इस एनकाउंटर को लेकर बड़ा खुलासा किया है। घायल दोनों अपराधी बुधवार रात छपरा के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. सजल कुमार के अपहरण प्रयास में शामिल थे।
यह घटना शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर गई थी।
बुधवार देर रात डॉ. सजल कुमार अपने अस्पताल से घर लौट रहे थे। तभी चार अपराधियों ने उनकी कार को रास्ते में रोका, जबरन कब्जा कर उन्हें दूसरी गाड़ी में बैठाया और फरार हो गए।
सड़क हादसे से बची डॉक्टर की जान
अपहरण के कुछ ही समय बाद बदमाशों की गाड़ी एक पोल से टकरा गई। हादसे के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए और डॉक्टर को वहीं छोड़कर भाग निकले।
इस घटना में डॉ. सजल कुमार सुरक्षित बच गए, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई।
घटना के बाद पूरे जिले में पुलिस अलर्ट मोड में आ गई और अपराधियों की तलाश तेज कर दी गई।
CCTV फुटेज से अपराधियों की पहचान
डॉक्टर किडनैपिंग की घटना के बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान की गई और लगातार छापेमारी अभियान चलाया गया।
अब तक इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूछताछ के दौरान ही हथियार छिपाए जाने की जानकारी सामने आई थी, जिसके बाद पुलिस इनई बगीचा पहुंची थी।
सारण एसएसपी ने क्या कहा?
सारण के एसएसपी डॉ. कुमार आशीष ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कई अहम तथ्य सामने आए हैं।
उन्होंने कहा कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में और भी आपराधिक घटनाओं का खुलासा हो सकता है।
पुलिस सभी बिंदुओं पर कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई कर रही है।
डेढ़ महीने में बिहार का पांचवां हाफ एनकाउंटर
यह घटना बीते डेढ़ महीने में बिहार पुलिस का पांचवां हाफ एनकाउंटर है।
इससे पहले 11 दिसंबर को पटना में रंगदारी मांगने वाले अपराधी को पैर में गोली मारकर पकड़ा गया था।
इसके अलावा 2 दिसंबर को छपरा में शराब माफिया, 21 नवंबर को बेगूसराय में कुख्यात शिवदत्त राय और 7 नवंबर को छपरा में ही शिकारी राय के खिलाफ भी हाफ एनकाउंटर हो चुका है।
जिले में सुरक्षा व्यवस्था पर असर
लगातार हो रहे एनकाउंटर से जहां अपराधियों में खौफ देखा जा रहा है, वहीं आम जनता ने पुलिस की सक्रियता की सराहना की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से जिले में अपराध पर लगाम लगेगी।
सारण जिले में हुआ यह एनकाउंटर न सिर्फ अवैध हथियार नेटवर्क को उजागर करता है, बल्कि संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस की सक्रिय रणनीति को भी दर्शाता है। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले में आगे और खुलासों की संभावना जताई जा रही है।











