Ranchi | राजधानी रांची में आगामी दुर्गापूजा को भव्य और शांतिपूर्ण बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। विभिन्न पूजा कमेटियों के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को जिला समाहरणालय पहुंचकर उपायुक्त (DC) श्री मंजूनाथ भजन्त्री से अहम मुलाकात की।
त्योहार के दौरान विधि-व्यवस्था, पंडालों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर कमेटियों ने प्रशासन से सीधी मदद मांगी। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और ट्रैफिक रूट को लेकर साझा रणनीति पर चर्चा हुई।
उपायुक्त ने पूजा समितियों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाते हुए स्पष्ट संदेश दिया—पर्व की गरिमा और आम जनता की सहूलियत से कोई समझौता नहीं होगा।
समाहरणालय में मैराथन बैठक: पंडालों से लेकर विसर्जन तक बना रोडमैप
बैठक के दौरान विभिन्न पूजा समितियों के पदाधिकारियों ने बिजली, जलापूर्ति, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और पंडालों के आसपास बैरिकेडिंग की मांग रखी।
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए कहा:
“दुर्गापूजा रांची की आस्था और पहचान का पर्व है। प्रशासन पूरी ताकत से समितियों के साथ खड़ा है, लेकिन आयोजकों को भी पुलिस और मजिस्ट्रेट के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना होगा।”
इस अवसर पर पूजा समितियों के सदस्यों ने डीसी मंजूनाथ भजन्त्री को पारंपरिक चुनरी ओढ़ाकर सम्मानित किया और प्रशासन के प्रति आभार जताया।

डीसी के 3 सख्त निर्देश: आयोजकों को माननी होंगी ये शर्तें
दुर्गापूजा के दौरान किसी भी आपात स्थिति या अव्यवस्था से बचने के लिए जिला प्रशासन ने समितियों के सामने तीन प्रमुख शर्तें रखी हैं:
- ध्वनि प्रदूषण पर सख्त पहरा: सुप्रीम कोर्ट और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्धारित ध्वनि मानकों का हर हाल में पालन करना होगा। तय डेसिबल से अधिक आवाज में लाउडस्पीकर बजाने पर सख्त कार्रवाई होगी।
- थाना स्तर पर विसर्जन समन्वय: मूर्ति विसर्जन के रूट और समय को लेकर संबंधित स्थानीय थाने के साथ लिखित समन्वय बनाना अनिवार्य है।
- ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन: पंडालों में दर्शन के लिए आने वाले आम नागरिकों, महिलाओं और बच्चों की सुविधा के लिए अलग लेन और पर्याप्त वॉलंटियर्स तैनात करने होंगे, ताकि मुख्य सड़कों पर जाम न लगे।
अब आगे क्या: ग्राउंड पर उतरेगी पुलिस और मजिस्ट्रेट की टीम
त्योहार को लेकर अब प्रशासन का अगला कदम ग्राउंड इंस्पेक्शन का होगा। जिला प्रशासन और रांची पुलिस की संयुक्त टीम जल्द ही शहर के सभी संवेदनशील और बड़े पंडालों का भौतिक सत्यापन करेगी। विसर्जन रूटों पर सीसीटीवी कैमरों की स्थिति जांची जाएगी और ड्रोन से निगरानी का खाका तैयार होगा। साफ है कि इस बार रांची में उत्सव की रौनक के साथ-साथ सुरक्षा का दायरा बेहद कड़ा रहने वाला है।












