रांची: राजधानी के दो अपार्टमेंट के किराए के फ्लैटों में कथित साइबर ठगी की गतिविधियों को लेकर पुलिस ने छापेमारी कर 10 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। एक नाबालिग को भी निरुद्ध किया गया है। रांची पुलिस ने मीडिया को बताया कि करीब आठ लाख रुपये नकद, 36 मोबाइल फोन और बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए हैं। आरोप है कि लोगों को फोन पर लोन और नौकरी दिलाने का प्रलोभन देकर ठगी की जाती थी।
प्रेस कांफ्रेंस में सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि रांची एसएसपी राकेश रंजन को 13 अक्टूबर को इन गतिविधियों की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना पिस्का मोड़ के आसपास स्थित पराशर अपार्टमेंट और जतरा मैदान के निकट मालती अपार्टमेंट के फ्लैटों से संबंधित थी। ये इलाके सुखदेवनगर थाना और पंडरा ओपी क्षेत्र से जुड़े हैं।
दो टीमों ने फ्लैटों में की छापेमारी
पुलिस के मुताबिक, सूचना के सत्यापन के बाद एएसपी कोतवाली निखिल राय के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम बनाई गई। दो टीमों ने दोनों अपार्टमेंट के फ्लैटों में कार्रवाई की।
पुलिस का आरोप है कि पकड़े गए लोग किराए के फ्लैटों में रहकर फोन के जरिए संभावित शिकार से संपर्क करते थे। लोन और नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे ठगी की जाती थी। उपलब्ध विवरण में पीड़ितों की संख्या और कथित ठगी की कुल रकम नहीं बताई गई है।
नकदी के साथ मोबाइल और एटीएम कार्ड जब्त
पुलिस के अनुसार, छापेमारी में निम्न सामान बरामद हुआ है:
- करीब आठ लाख रुपये नकद।
- 36 मोबाइल फोन, 12 सिम कार्ड और एक लैपटॉप।
- अलग-अलग बैंकों के 32 एटीएम कार्ड।
- पांच पासबुक और एक चेकबुक।
- 25 नोटबुक।
पुलिस के मुताबिक, नोटबुक में नाम, मोबाइल नंबर और कथित हिसाब-किताब दर्ज है। मोबाइल फोन, सिम कार्ड और बैंकिंग दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इसके जरिए पुलिस संपर्कों और कथित ठगी की रकम के लेनदेन से जुड़े खातों की जानकारी जुटा रही है।
10 आरोपित गिरफ्तार, नाबालिग के मामले में अलग कार्रवाई
बताया गया कि गिरफ्तार आरोपितों में रितिक कुमार सिंह, अजीत कुमार मेहता उर्फ अजित कुमार कुशवाहा, सूरज कुमार सिंह, अमनदीप कुमार, सूरजदेव कुमार, अमित रजन, अविनाश कुमार, राजकमल वर्मा, रंजीत कुमार और सत्यम कुमार वर्मा शामिल हैं।
गिरफ्तार आरोपितों में अधिकतर पलामू जिले के रहने वाले हैं, जबकि एक गढ़वा जिले का निवासी है। निरुद्ध नाबालिग को किशोर न्याय से जुड़े प्रावधानों के तहत बाल सुधार गृह भेजे जाने की जानकारी दी गई है।
उपलब्ध सामग्री में आरोपितों या उनके प्रतिनिधियों का पक्ष शामिल नहीं है। ठगी में उनकी भूमिका को लेकर पुलिस की जांच जारी है।
साइबर अपराध थाने में प्राथमिकी दर्ज
उपलब्ध विवरण के अनुसार, मामले में साइबर अपराध थाना कांड संख्या 252/26, दिनांक 14 अक्टूबर 2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जानकारी दी गई है। स्रोत में विशिष्ट धाराओं का उल्लेख नहीं है।
पुलिस आरोपितों से पूछताछ और जब्त उपकरणों की जांच के आधार पर कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तथा उसके काम करने के तरीके की जानकारी जुटा रही है।












