प्रशांत सिंह बन सकते हैं झारखंड के नये DGP, अनुराग गुप्ता का इस्तीफा मंजूरी के करीब

प्रशांत सिंह बन सकते हैं झारखंड के नये DGP, अनुराग गुप्ता का इस्तीफा मंजूरी के करीब

Jharkhand New DGP: झारखंड पुलिस महकमे में एक बार फिर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। डीजीपी अनुराग गुप्ता के इस्तीफे के बाद सरकार के शीर्ष स्तर पर नए डीजीपी की नियुक्ति को लेकर पूरे दिन मंथन चलता रहा। देर शाम यह खबर सामने आई कि प्रशांत सिंह के नाम पर सरकार की सहमति बन चुकी है। सूत्रों का कहना है कि अब किसी भी समय नए डीजीपी की औपचारिक घोषणा हो सकती है और अनुराग गुप्ता के इस्तीफे को स्वीकृति मिल सकती है।

सरकार में दिनभर चला मंथन, तीन वरिष्ठ अधिकारियों में हुआ चयन

अनुराग गुप्ता ने कल देर शाम डीजीपी पद से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया था। उनके इस्तीफे के बाद पूरे पुलिस विभाग और सचिवालय में हलचल मच गई। सरकार के सामने अब तीन वरिष्ठ अधिकारियों के नाम थे—अनिल पाल्टा, प्रशांत सिंह और एम.एस. भाटिया। तीनों ही अधिकारी डीजी रैंक के हैं और लंबा अनुभव रखते हैं। हालांकि सूत्रों के अनुसार, सरकार की पहली पसंद प्रशांत सिंह ही रहे।

सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच कई दौर की चर्चा के बाद प्रशांत सिंह के नाम पर आम सहमति बन गई। प्रशांत सिंह 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और वर्तमान में पुलिस मुख्यालय में डीजी पद पर कार्यरत हैं। उनके कार्यकाल को अनुशासन और दक्षता के लिए जाना जाता है।

प्रशांत सिंह की छवि अनुशासनप्रिय और परिणाममुख अधिकारी की

प्रशांत सिंह को राज्य की कानून व्यवस्था संभालने का व्यापक अनुभव है। उन्होंने झारखंड पुलिस में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए उल्लेखनीय कार्य किया है। उनके नेतृत्व में कई संवेदनशील जिलों में अपराध नियंत्रण और नक्सल विरोधी अभियानों को नई दिशा मिली थी। पुलिस महकमे में उन्हें एक कड़े और निष्पक्ष अधिकारी के रूप में जाना जाता है।

राज्य सरकार के सूत्रों के अनुसार, प्रशांत सिंह की नियुक्ति की आधिकारिक अधिसूचना किसी भी समय जारी की जा सकती है। गृह विभाग ने संबंधित फाइल को अंतिम मंजूरी के लिए भेज दिया है। इसके साथ ही अनुराग गुप्ता के इस्तीफे की स्वीकृति प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है।

अनुराग गुप्ता के कार्यकाल और इस्तीफे की चर्चा

अनुराग गुप्ता का कार्यकाल कई अहम फैसलों के लिए जाना जाता रहा। उन्होंने पुलिस बल के आधुनिकीकरण और बेहतर कानून व्यवस्था को लेकर कई नई पहलें शुरू की थीं। हालांकि पिछले कुछ महीनों में विभागीय और राजनीतिक हलचलों के कारण वे चर्चा में रहे। अंततः उन्होंने डीजीपी पद से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया।

सरकार के करीबी सूत्रों का कहना है कि प्रशांत सिंह की नियुक्ति से राज्य की पुलिस व्यवस्था को नई दिशा मिल सकती है। उनके अनुभव और प्रशासनिक दृष्टिकोण से झारखंड पुलिस को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

राज्य में अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कब तक सरकार आधिकारिक रूप से नए डीजीपी के नाम की घोषणा करती है। फिलहाल पुलिस मुख्यालय और सचिवालय दोनों ही जगह इस संभावित बदलाव को लेकर गहमागहमी बनी हुई है।

Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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