पलामू। पलामू जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र स्थित मनहूं गांव में शुक्रवार रात करीब 9 बजे धान के खेत की मेढ़ पर एक नवजात बच्ची संदिग्ध परिस्थितियों में मिली। तेज बारिश और ठंड के बीच बच्ची बिना कपड़ों के पड़ी हुई थी। स्थानीय ग्रामीणों ने बच्ची को तत्काल गर्म कपड़े में लपेटकर उसकी मां के साथ अस्पताल पहुंचाया, जहां गंभीर स्थिति को देखते हुए बच्ची को आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया है। फिलहाल दोनों चिकित्सकों की निगरानी में हैं।
मछली पकड़ रहे युवकों ने मचाया शोर
ग्रामीणों के अनुसार, गांव से दूर स्थित देवी मंदिर के पास तीन महिलाएं एक झोले में नवजात को लेकर पहुंची थीं। लगातार बारिश के कारण मंदिर के पास धान के खेतों में पानी भरा था, जहां कुछ स्थानीय युवक मछलियां पकड़ रहे थे। संदिग्ध गतिविधियां दिखने पर युवकों ने ध्यान दिया तो पाया कि महिलाएं बच्ची को मेढ़ पर रखकर झोले से पूजा सामग्री निकाल रही थीं।
युवकों के शोर मचाने पर दो महिलाएं मौके से फरार हो गईं, जबकि एक महिला वहीं बैठी रह गई जिसे ग्रामीणों ने पकड़ लिया।
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पूजा सामग्री मिलने से बलि की आशंका, पुलिस जांच जारी
पकड़ी गई महिला की पहचान छतरपुर नगर पंचायत के मंदेया गांव (भल्ही टोला) निवासी रविंद्र उरांव की पत्नी मंजू देवी के रूप में की गई है। ग्रामीणों का दावा है कि नवजात को जन्म मंजू देवी ने ही दिया था। महिला के पास से पॉलीथिन में सिंदूर, टिकली, कंघी और अन्य पूजा सामग्री बरामद हुई है। इन परिस्थितियों को देखते हुए ग्रामीणों ने बलि दिए जाने की आशंका जताई है। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों के मुताबिक, मजदूरी करने वाले इस दंपती के पहले से दो बेटे और दो बेटियां हैं, और यह नवजात उनकी पांचवीं संतान है। मौके से भागी दो अन्य महिलाओं की पहचान, मंजू देवी से उनका संबंध और इस घटनाक्रम में उनकी भूमिका को लेकर पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में मेदिनीनगर स्थित पीएमसीएच के पास भी एक नवजात का शव कुत्ते के मुंह में मिलने का मामला सामने आया था। उस मामले में उपायुक्त के निर्देश पर जांच के बाद एक निजी अस्पताल को सील कर प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। छतरपुर की इस ताजा घटना के बाद पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी है।














