Ranchi | जेपीएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली की जांच के दौरान सीआईडी की चार्जशीट में परीक्षा हॉल के सीसीटीवी फुटेज और अभ्यर्थियों की मूल ओएमआर शीट के बीच बड़ा अंतर सामने आने की बातें कही गई है। चार्जशीट के मुताबिक, छह अभ्यर्थी परीक्षा के दौरान अपेक्षाकृत कम सवालों के जवाब भरते दिखाई दिए, जबकि उनकी मूल ओएमआर शीट में 83 से लेकर 100 तक उत्तर दर्ज मिले।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जांच में अभ्यर्थियों की परीक्षा हॉल में गतिविधियों और ओएमआर शीट पर दर्ज उत्तरों का मिलान किया गया। इसी प्रक्रिया में कई अभ्यर्थियों के मामले में असामान्य अंतर दर्ज किए गए। चार्जशीट में बुद्धेश्वर के लैपटॉप और सीसीटीवी फुटेज को भी महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में उल्लेखित किया गया है।
सीसीटीवी फुटेज और ओएमआर शीट में क्या अंतर मिला?
चार्जशीट में दर्ज विवरण के अनुसार, छह अभ्यर्थियों के परीक्षा हॉल में सवाल हल करने की गतिविधियों और मूल ओएमआर शीट पर दर्ज उत्तरों में अंतर पाया गया।
अभ्यर्थियों के नाम, रोल नंबर और दोनों पेपरों में दर्ज उत्तरों का विवरण इस प्रकार है:
छह अभ्यर्थियों के ओएमआर में दर्ज उत्तर
1. ओमप्रकाश राणा
रोल नंबर 2601102299 के संबंध में चार्जशीट के विवरण के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज में उन्हें उत्तर भरते हुए नहीं देखा गया। हालांकि, मूल ओएमआर शीट में पेपर-1 में 91 और पेपर-2 में 92 उत्तर दर्ज मिले।
2. दिलीप कुमार राणा
रोल नंबर 2601101092 के अभ्यर्थी परीक्षा हॉल में अधिकांश समय निष्क्रिय बैठे दिखाई दिए। फुटेज में करीब 30 से 40 प्रश्नों पर कलम चलाते दिखे, जबकि मूल ओएमआर शीट में पेपर-1 के 95 और पेपर-2 के 93 उत्तर दर्ज थे।
3. वंदना कुमारी
रोल नंबर 2601216843 के मामले में सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, दोनों पालियों में करीब 40 और 30 सवाल हल करते हुए दिखाई देने का उल्लेख है। वहीं मूल ओएमआर शीट में पेपर-1 में 98 और पेपर-2 में 92 सही उत्तर पाए जाने की बात कही गई है।
4. उमाकांत उरांव
रोल नंबर 2601255984 के अभ्यर्थी ने फुटेज के मुताबिक दोनों पालियों में लगभग 30 और 39 गोले रंगे। इसके विपरीत, मूल ओएमआर शीट में पेपर-1 में 93 और पेपर-2 में 83 उत्तर दर्ज मिले।
5. मनोज कुमार
रोल नंबर 2601279289 के संबंध में चार्जशीट में बताया गया है कि अभ्यर्थी अधिकतर समय निष्क्रिय रहे और दोनों पेपरों में क्रमशः 72 और 74 सवाल हल करते दिखाई दिए। हालांकि, मूल ओएमआर शीट में दोनों पेपरों के सभी 100-100 प्रश्नों के उत्तर भरे मिले।
6. रौशन केरकेट्टा
रोल नंबर 26011149170 के मामले में सीसीटीवी फुटेज में दोनों पालियों में क्रमशः 30 और 25 सवाल हल करते हुए दिखाई देने का उल्लेख है। जबकि मूल ओएमआर शीट में पेपर-1 के 87 और पेपर-2 के 88 उत्तर दर्ज मिले।
तीन गिरफ्तारियों का भी चार्जशीट में उल्लेख
उपलब्ध सामग्री के अनुसार, इस मामले में उमाकांत उरांव, रौशन केरकेट्टा और मनोज कुमार को 5 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। वहीं, दो सगे भाइयों दिलीप कुमार राणा और ओमप्रकाश राणा की गिरफ्तारी 3 अक्टूबर को हुई थी।
हालांकि, उपलब्ध इनपुट में गिरफ्तारी के वर्ष, संबंधित परीक्षा की पूरी पहचान और मामले में सभी आरोपियों की वर्तमान कानूनी स्थिति का विवरण नहीं दिया गया है।
जांच में सामने आए अंतर का महत्व
परीक्षा हॉल में अभ्यर्थियों की गतिविधियों और मूल ओएमआर शीट में दर्ज उत्तरों के बीच अंतर जांच का महत्वपूर्ण पहलू है। चार्जशीट में दर्ज इन साक्ष्यों के आधार पर परीक्षा प्रक्रिया में संभावित अनियमितता की जांच की जा रही है।
हालांकि, केवल सीसीटीवी फुटेज और ओएमआर शीट के बीच अंतर को किसी अभ्यर्थी का अपराध सिद्ध होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता। आरोपों और साक्ष्यों पर अंतिम निष्कर्ष सक्षम न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकाला जाएगा।
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