नेमरा (रामगढ़): मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपने पैतृक गांव नेमरा में लोगों की जमीन, इलाज, रोजगार और मुआवजे से जुड़ी समस्याएं सुनीं। उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मामलों की जांच कर आवश्यक समाधान के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री अपनी मां रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म और पारिवारिक अनुष्ठानों के लिए नेमरा में हैं।
विज्ञप्ति के मुताबिक, विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने मुख्यमंत्री के सामने व्यक्तिगत और अपने इलाके की समस्याएं रखीं। कुछ लोगों ने लिखित आवेदन भी सौंपे।
जमीन, इलाज और रोजगार के लिए मदद की मांग
गिरिडीह के केश्वरी गांव निवासी माधो पासवान अपनी दृष्टि दिव्यांग पुत्री कालो कुमारी के साथ मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे। उन्होंने अपनी भूमि को कब्जामुक्त कराने की मांग रखी। विज्ञप्ति में जमीन के स्वामित्व या कब्जे से संबंधित दस्तावेजों का विवरण नहीं दिया गया है।
रांची जिले के सिल्ली स्थित हाकेदाग के विश्राम बेदिया ने अपनी बीमार पत्नी एतवारी देवी के समुचित इलाज के लिए सहायता मांगी।
रामगढ़ जिले के हेठबरगा निवासी राज बेदिया ने रोजगार उपलब्ध कराने और शारीरिक दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनवाने का अनुरोध किया। वहीं, सांकी गांव से पहुंचे एक युवक ने अपने भाई अनू कुमार बेदिया की मृत्यु के बाद मुआवजे के भुगतान की मांग रखी।
विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने इन मामलों में जांच के बाद आवश्यक समाधान करने के निर्देश दिए। किसी मामले में सहायता स्वीकृत होने, भुगतान होने या समस्या का निपटारा होने की जानकारी नहीं दी गई है।

दशकर्म और संस्कार भोज की तैयारियों की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने नेमरा स्थित अपने पैतृक आवास पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक भी की। इसमें रूपी सोरेन के दशकर्म और संस्कार भोज में आने वाले लोगों के लिए की जा रही तैयारियों की समीक्षा की गई।
विज्ञप्ति के मुताबिक, बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सुरक्षा, वाहनों की पार्किंग, यातायात और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इन तैयारियों का उद्देश्य आगंतुकों को असुविधा से बचाना है।
गोला चौक पर छोटा गोलंबर बनाने का निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री ने रामगढ़ के गोला चौक पर छोटा गोलंबर जैसा सर्किल बनाने का निर्देश दिया। विज्ञप्ति के अनुसार, इसका उद्देश्य अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों को मुड़ने में सुविधा देना, यातायात व्यवस्थित करना और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम करना है।
इस व्यवस्था को लागू करने की समयसीमा या इसके तकनीकी स्वरूप की जानकारी विज्ञप्ति में नहीं दी गई है।
रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे लोग
नेमरा में दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि देने विभिन्न क्षेत्रों से लोग पहुंच रहे हैं। रूपी सोरेन दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की पत्नी और मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की मां थीं।
विज्ञप्ति के अनुसार, आगंतुक उनकी तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर रहे हैं और हेमन्त सोरेन तथा उनकी पत्नी कल्पना सोरेन से मिलकर संवेदना प्रकट कर रहे हैं।












