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Education

डीएसपीएमयू में पीएचडी नामांकन फिर शुरू होगा, प्रवेश परीक्षा नहीं होगी

Ranchi | डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) में करीब एक साल से बंद पीएचडी नामांकन प्रक्रिया दोबारा शुरू होगी। सोमवार को कुलपति प्रो. राजीव मनोहर की अध्यक्षता में हुई अकादमिक काउंसिल की बैठक में नई नियमावली मंजूर की गई। विश्वविद्यालय अलग से प्रवेश परीक्षा नहीं लेगा। दाखिला अभ्यर्थियों की अर्हता, रिक्त सीटों और शोध पर्यवेक्षकों की क्षमता पर निर्भर करेगा।

डीएसपीएमयू पीएचडी नामांकन के लिए नई नियमावली मंजूर

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय ने यूजीसी पीएचडी विनियम-2022 के आधार पर नई नियमावली तैयार की है। अकादमिक काउंसिल की मंजूरी के बाद इसी नियमावली के तहत नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी।

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यूजीसी जेआरएफ, असिस्टेंट प्रोफेसर व पीएचडी अर्हता प्राप्त अभ्यर्थियों को अलग प्रवेश परीक्षा दिए बिना दाखिला मिलेगा। हालांकि, अर्हता प्राप्त होना ही नामांकन का एकमात्र आधार नहीं होगा। संबंधित विभाग में शोध सीट और शोध पर्यवेक्षक की उपलब्ध क्षमता भी देखी जाएगी।

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महत्वपूर्ण तथ्य

  • करीब एक साल से बंद पीएचडी नामांकन प्रक्रिया दोबारा शुरू होगी।
  • विश्वविद्यालय अलग से पीएचडी प्रवेश परीक्षा नहीं कराएगा।
  • दाखिला निर्धारित अर्हता, विभागवार रिक्त सीटों और शोध पर्यवेक्षकों की क्षमता के आधार पर होगा।
  • विश्वविद्यालय का लक्ष्य अक्टूबर के अंत तक नामांकन प्रक्रिया पूरी करना है।
  • तीन वर्षीय स्नातक और पुराने पाठ्यक्रम से स्नातक अभ्यर्थियों को भी पीजी में दाखिला देने का प्रस्ताव मंजूर हुआ है।

बैठक के निर्णय और शोध पर्यवेक्षकों की उपलब्धता

कुलपति प्रो. राजीव मनोहर की अध्यक्षता में हुई बैठक में पीएचडी की नई नियमावली के साथ पीजी प्रवेश से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली। इसके तहत एनईपी के तीन वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम और पुराने स्नातक पाठ्यक्रम के विद्यार्थी पीजी दाखिले के लिए मान्य होंगे।

उपलब्ध विवरण के अनुसार, विश्वविद्यालय में फिलहाल एक भी प्रोफेसर नहीं है। शिक्षकों के लगभग 80 प्रतिशत पद खाली हैं और 16 साल से स्थायी नियुक्ति नहीं हुई है। ऐसे में शोध मार्गदर्शन की जिम्मेदारी उपलब्ध असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसरों पर रहेगी।

स्रोत-सामग्री में पद के अनुसार शोधार्थियों की अधिकतम संख्या इस प्रकार दी गई है:

पदअधिकतम शोधार्थी
प्रोफेसर8
एसोसिएट प्रोफेसर6
असिस्टेंट प्रोफेसर4

ये अधिकतम संख्याएं हैं। डीएसपीएमयू पीएचडी नामांकन के लिए वास्तविक रिक्त सीटों की विभागवार संख्या उपलब्ध सामग्री में नहीं दी गई है।

विश्वविद्यालय ने अक्टूबर के अंत तक नामांकन प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा है। अभ्यर्थियों का दाखिला संबंधित विभाग में रिक्त शोध सीटों और उपलब्ध पर्यवेक्षकों की क्षमता के आधार पर होगा।

आवेदन शुरू होने की तारीख, आवेदन का माध्यम, शुल्क और विभागवार सीटों का विवरण उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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