रांची| बंगाल की खाड़ी में सक्रिय भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ (Murasu) तेजी से आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के राष्ट्रीय बुलेटिन संख्या 12 के अनुसार, तूफान के 2 नवंबर की देर रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश तट पार करने की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है, जबकि झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।
दूसरी ओर, झारखंड के मौसम की बात करें तो रांची मौसम केंद्र की 2 नवंबर सुबह 10 बजे जारी रिपोर्ट में राजधानी का अधिकतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। राज्य के प्रमुख मौसम केंद्रों पर पिछले 24 घंटे के दौरान बारिश दर्ज नहीं हुई।
मुरासु तूफान कहां पहुंचा, कब होगा लैंडफॉल?
मौसम विभाग के अनुसार, 2 नवंबर की सुबह 5:30 बजे चक्रवाती तूफान मुरासु बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में सक्रिय था।
इसका केंद्र 13.9 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 81.8 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था।
तूफान की स्थिति प्रमुख शहरों से इस प्रकार थी:
- चेन्नई से लगभग 200 किलोमीटर पूर्व-उत्तरपूर्व
- नेल्लोर से 210 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व
- मछलीपट्टनम से 270 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व
- कावली से 220 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व
- ओंगोल से 260 किलोमीटर दक्षिणपूर्व
पिछले छह घंटे में तूफान 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ा था।
आईएमडी का अनुमान है कि तूफान उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए नेल्लोर और नरसापुर के बीच, ओंगोल के नजदीक दक्षिण आंध्र प्रदेश तट को पार करेगा।
लैंडफॉल का संभावित समय 2 नवंबर रात 11:30 बजे से 3 नवंबर सुबह 4 बजे के बीच है। यह पूर्वानुमान है, वास्तविक लैंडफॉल का समय और स्थान तूफान की आगे की गति के अनुसार बदल सकता है।
झारखंड में मुरासु तूफान का कितना असर?
झारखंड के लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल है कि क्या इस चक्रवात के कारण रांची, जमशेदपुर, बोकारो और दूसरे जिलों में बारिश होगी?
उपलब्ध राष्ट्रीय बुलेटिन में आंध्र प्रदेश और उससे सटे उत्तरी तमिलनाडु तट के लिए रेड मैसेज जारी किया गया है। इसमें झारखंड के लिए अलग से बारिश या तेज हवा की चेतावनी नहीं दी गई है।
इसलिए फिलहाल यह कहना उचित नहीं होगा कि मुरासु के कारण झारखंड में भारी बारिश होगी या तेज हवाएं चलेंगी।
हालांकि, झारखंड के मौसम की स्थिति समझने के लिए रांची मौसम केंद्र के ताजा अवलोकन महत्वपूर्ण हैं।
रांची समेत पांच शहरों में आज कैसा रहा तापमान?
रांची मौसम केंद्र की 2 नवंबर 2026 की सुबह 10 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार:
| शहर | अधिकतम तापमान | न्यूनतम तापमान |
|---|---|---|
| रांची | 29.2°C | 20.0°C |
| जमशेदपुर | 31.2°C | 23.2°C |
| डालटनगंज | 31.0°C | 22.3°C |
| बोकारो थर्मल | 29.5°C | 23.1°C |
| चाईबासा | 31.0°C | 21.6°C |
ये आंकड़े पिछले 24 घंटे के मौसम अवलोकन पर आधारित हैं, न कि दिन के आगे के पूर्वानुमान पर।
रांची का अधिकतम तापमान सामान्य से 1.4 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.1 डिग्री अधिक दर्ज किया गया।
जमशेदपुर का न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.7 डिग्री अधिक रहा, जबकि डालटनगंज में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.2 डिग्री ऊपर दर्ज हुआ।
लातेहार में सबसे ज्यादा गर्मी, खूंटी में सबसे कम तापमान
मौसम विभाग के स्वचालित मौसम केंद्रों के आंकड़ों के अनुसार, लातेहार AWS में सबसे अधिक 33.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
वहीं लातेहार AWS में ही न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो रिपोर्ट में सबसे कम दर्ज तापमान है।
रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट स्थित मौसम केंद्र के अनुसार, सुबह के अवलोकन में न्यूनतम दृश्यता 500 मीटर दर्ज की गई।
झारखंड में कहां हुई बारिश?
मौसम विभाग की रिपोर्ट में पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे अधिक वर्षा वाले स्थानों के रूप में खूंटी जिले के अर्की में 8.8 मिलीमीटर और रांची जिले के बुरमू में 7.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
हालांकि, प्रमुख शहरों के मौसम केंद्रों में रांची, जमशेदपुर, डालटनगंज, बोकारो थर्मल और चाईबासा के लिए पिछले 24 घंटे की बारिश शून्य दिखाई गई है।
इससे स्पष्ट है कि राज्य में वर्षा का वितरण स्थान के अनुसार अलग-अलग रहा।
समुद्र में मछुआरों के लिए खतरा
आईएमडी के चक्रवात ट्रैक मानचित्र में तूफान के आसपास समुद्री हवाओं और संभावित प्रभाव क्षेत्रों को दिखाया गया है।
मानचित्र के अनुसार, तूफान के प्रभाव वाले समुद्री क्षेत्रों में समुद्र की स्थिति अत्यंत खराब हो सकती है। विभाग के मानचित्र में संबंधित प्रभावित समुद्री क्षेत्रों के लिए मछली पकड़ने की गतिविधियां पूरी तरह रोकने की सलाह दी गई है।
चक्रवात की दिशा और तीव्रता को देखते हुए तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करना महत्वपूर्ण है।
आगे क्या होगा?
आईएमडी के 2 नवंबर सुबह 5:30 बजे के पूर्वानुमान के अनुसार, मुरासु आज देर रात से कल तड़के के बीच आंध्र प्रदेश तट पार कर सकता है।
झारखंड में इसके संभावित प्रभाव के संबंध में अभी उपलब्ध सामग्री के आधार पर किसी नए अलर्ट की पुष्टि नहीं होती है। राज्य में आगे के मौसम के लिए रांची मौसम केंद्र का अगला पूर्वानुमान देखना जरूरी होगा।
इसे भी पढ़ें: ‘अर्नब’ तूफान के बाद अब ‘मुरासु’ का खतरा, जानें मौसम विभाग की चेतावनी














