Chatra | कुंदा प्रखंड की सिकीदाग पंचायत स्थित बुटकुइया गांव में सड़क संपर्क के अभाव में एक गर्भवती महिला को खाट पर उठाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ा। सोमवार को प्रसव पीड़ा से जूझ रही हरिनाथ गंझू की 28 वर्षीया पत्नी रीता देवी को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। दो मुहायन नदी पर पुल नहीं होने की वजह से वाहन का रास्ता पूरी तरह बाधित था।
ग्रामीणों ने खाट पर उठाकर पार कराया रास्ता
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए परिजनों और ग्रामीणों ने गर्भवती महिला को खाट पर लिटाया और उसे कंधे पर उठाकर एक किलोमीटर से अधिक दूरी पैदल तय की। इसके बाद मुख्य सड़क से एक निजी वाहन की व्यवस्था कर महिला को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कुंदा में भर्ती कराया गया।
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बरसात में बढ़ जाती है परेशानी
वार्ड सदस्य अशोक यादव, ग्रामीण बृजेश यादव और रामू गंझू के अनुसार, दो मुहायन नदी पर पुल का निर्माण न होने से बरसात के मौसम में बुटकुइया और आसपास के क्षेत्रों का संपर्क कट जाता है। इसका सबसे प्रतिकूल असर मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों पर पड़ता है। आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस या अन्य आवश्यक वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते, जिससे गंभीर स्थिति में जान का जोखिम बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी पर शीघ्र पुल निर्माण की मांग की है।
प्रशासनिक पक्ष
कुंदा के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) साकेत कुमार सिन्हा ने इस समस्या पर कहा:
“नदी पर पुल नहीं है, यह सच है। पुल निर्माण के लिए प्रयास किया जा रहा है। उपायुक्त का ध्यान इस ओर आकर्षित किया गया है। नदी बड़ी है, ऐसे में पुल भी बड़ा बनेगा। फिर भी प्रयास होगा कि डीएमएफटी से इसकी स्वीकृति मिल जाए।”








