RCB के ‘कैप्टन कूल’ रजत पाटीदार का बड़ा खुलासा: क्या विराट कोहली के नक्शेकदम पर चलकर ही जीतेगा बेंगलुरु दोबारा खिताब?

RCB के 'कैप्टन कूल' रजत पाटीदार का बड़ा खुलासा: क्या विराट कोहली के नक्शेकदम पर चलकर ही जीतेगा बेंगलुरु दोबारा खिताब?

बेंगलुरु | रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के कप्तान रजत पाटीदार ने आईपीएल 2026 के बीच एक ऐसा बयान दिया है जिसने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। पिछले साल टीम को चैंपियन बनाने वाले पाटीदार ने साफ कर दिया है कि उनकी कप्तानी का स्टाइल किसी बनावटी आक्रामकता पर नहीं, बल्कि ‘डोमिनेंस और एडैप्टेबिलिटी’ के तालमेल पर टिका है। एक पॉडकास्ट के दौरान पाटीदार ने न केवल अपनी बल्लेबाजी के खौफनाक फॉर्म (212.96 का स्ट्राइक रेट) का राज खोला, बल्कि यह भी बताया कि वह मैदान पर इतने शांत क्यों रहते हैं।

“दिमाग बदला तो खेल बदल गया”: पाटीदार का विस्फोटक अंदाज

इस सीजन में अब तक 6 मैचों में 22 छक्के जड़कर गेंदबाजों की नींद उड़ाने वाले पाटीदार ने अपनी सफलता का श्रेय मानसिक बदलाव को दिया है। उन्होंने कहा, “सबसे बड़ा बदलाव तकनीक में नहीं, बल्कि दिमाग में आया। मैंने खेल को देखने का नजरिया बदला और खुद को स्थितियों के अनुसार ढालना सीखा।” विशेषज्ञों का मानना है कि पाटीदार का यह ‘माइंड गेम’ ही है जिसने उन्हें इस सीजन का सबसे खतरनाक बल्लेबाज बना दिया है। दिनेश कार्तिक (DK) के साथ तकनीकी बारीकियों पर चर्चा करने के बाद, पाटीदार अब मैदान पर बिना किसी झिझक के फैसले ले रहे हैं।

क्या है RCB का ‘विनिंग फॉर्मूला’? पाटीदार ने समझाई रणनीति

रजत पाटीदार ने कप्तानी और टीम की बल्लेबाजी शैली पर तीन मुख्य स्तंभों (Pillars) पर जोर दिया:

  1. गेंदबाजों के कप्तान: पाटीदार खुद को ‘बॉलिंग कैप्टन’ मानते हैं। उनका मानना है कि टी20 में सबसे ज्यादा दबाव गेंदबाजों पर होता है, इसलिए वह मैदान पर ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं देते ताकि गेंदबाज दबाव महसूस न करें।
  2. इंस्टिंक्टिव बैटिंग: टीम में कोई तयशुदा योजना नहीं होती कि कौन कैसे खेलेगा। अगर बल्लेबाज को लगता है कि वह सामने वाले गेंदबाज पर हावी हो सकता है, तो उसे ‘गो अहेड’ का सिग्नल मिलता है।
  3. विराट कोहली का मंत्र: पाटीदार ने स्वीकार किया कि उन्होंने विराट कोहली को देखकर सीखा है कि ‘वर्तमान’ में कैसे रहा जाता है। बाहरी शोर और सिलेक्शन की चिंता छोड़ सिर्फ अगले पल पर ध्यान देना ही उनकी ताकत है।

चैंपियन बनने के बाद का अहसास: “जब फैंस को देखा तब सच लगा”

पिछले साल जब बेंगलुरु ने खिताब जीता, तो पाटीदार को तुरंत उसकी गंभीरता समझ नहीं आई। उन्होंने बताया, “जब हमने जीत दर्ज की, तो वह पल खास था, लेकिन असली अहसास तब हुआ जब मैंने सड़कों पर फैंस का पागलपन और उनकी आंखों में खुशी देखी।” मौजूदा सीजन में RCB 6 मैचों में 8 अंकों के साथ मजबूत स्थिति में है, लेकिन पाटीदार का कहना है कि डिफेंडिंग चैंपियन होने के नाते हर टीम उनके खिलाफ और ज्यादा ताकत से उतरेगी।

भविष्य की चुनौती: क्या दोबारा दोहराया जाएगा इतिहास?

क्रिकेट जगत में अब यह चर्चा तेज है कि क्या पाटीदार की यह ‘शांत कप्तानी’ और ‘आक्रामक बल्लेबाजी’ का मिश्रण RCB को लगातार दूसरा खिताब दिला पाएगा? पाटीदार का स्पष्ट मानना है कि वह अपनी शख्सियत नहीं बदलेंगे। वह शांत रहेंगे, सोच-समझकर फैसले लेंगे और टीम में हर खिलाड़ी को (चाहे वह सीनियर हो या जूनियर) बराबर का महत्व देंगे।

प्रशासन और टीम मैनेजमेंट भी पाटीदार की इस लीडरशिप से गदगद है। ग्राउंड रिपोर्ट बताती है कि चिन्नास्वामी स्टेडियम का माहौल इस समय किसी भी अन्य सीजन की तुलना में सबसे ज्यादा पॉजिटिव है।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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