Ranchi : जिला प्रशासन अब एक बड़े ‘क्लीन-अप’ मोड में है। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने जिलास्तरीय वरीय पदाधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें न केवल आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय हुई, बल्कि भ्रष्टाचार और लापरवाही पर कड़ा प्रहार करने के संकेत भी दिए गए। इस बैठक का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु सरकारी बैंक खातों का सत्यापन और आगामी जनगणना कार्य रहा।
बैंक खातों का होगा ‘पोस्टमार्टम’, एलडीएम को मिली बड़ी जिम्मेदारी
डीसी मंजूनाथ भजन्त्री ने ट्रेजरी, नजारत, डीआरडीए और भू-अर्जन शाखा को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी सरकारी पदाधिकारियों और कर्मियों के बैंक खातों का तत्काल सत्यापन किया जाए। अक्सर देखा गया है कि सरकारी लेन-देन में पारदर्शिता की कमी के कारण फंड का दुरुपयोग होने की संभावना रहती है। उपायुक्त ने एलडीएम (LDM) को निर्देश दिया है कि बैंकों में हो रहे भारी सरकारी लेन-देन की सतत मॉनिटरिंग की जाए।
ग्राउंड रिपोर्ट: सूत्रों की मानें तो प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि किसी भी स्तर पर ‘घोस्ट अकाउंट्स’ या गलत ट्रांजेक्शन की गुंजाइश न रहे। यह कदम जिले की वित्तीय व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए एक बड़ा ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ माना जा रहा है।
जनगणना और SIR: अब नहीं चलेगी आंकड़ों की बाजीगरी
जनगणना कार्य को लेकर उपायुक्त ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने निर्देश दिया कि भारत सरकार की गाइडलाइंस का अक्षरश: पालन हो।
- मकान सूचीकरण: आंकड़ों की पोर्टल पर एंट्री में एक भी त्रुटि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- पारदर्शिता: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर अधिकारियों को हिदायत दी गई है कि कार्य जमीनी स्तर पर हो, न कि सिर्फ कागजों पर।
मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार: भव्य आयोजन की तैयारी
आगामी मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार-सह-दक्षिणी प्रमण्डल स्तरीय मुखिया सम्मेलन को लेकर भी जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यक्रम में आने वाले जनप्रतिनिधियों के लिए पेयजल, बैठने की व्यवस्था और शौचालय की उत्तम सुविधा होनी चाहिए।
समाहरणालय परिसर की बदलेगी तस्वीर आम जनता को होने वाली परेशानियों को देखते हुए डीसी ने समाहरणालय परिसर में सफाई और लिफ्ट की सुविधा को दुरुस्त करने के आदेश दिए हैं। उनका संदेश साफ है—सरकारी कार्यालयों में आने वाले नागरिकों को सम्मान और सुविधा मिलनी चाहिए।
क्या होगा अगला कदम? (Analysis)
उपायुक्त के इन निर्देशों से जिले के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। खासकर बैंक खातों के सत्यापन वाले आदेश ने उन कर्मचारियों की नींद उड़ा दी है जो वित्तीय कार्यों में ढिलाई बरतते थे। आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं और सरकारी कार्यशैली में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।










