Ranchi: कांके के मदरसा आलिया में आज एक विशेष सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां “आओ हाथ मिलाएं” सामाजिक संस्था और “माही सामाजिक संस्था” ने 200 कंबल जरूरतमंद बच्चों के बीच वितरित किए। कांके क्षेत्र में पड़ने वाली कड़ाके की ठंड को देखते हुए यह पहल बच्चों की पढ़ाई में किसी भी तरह की बाधा न आए, इस उद्देश्य से की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत मदरसा के एक छात्र द्वारा तिलावत-ए-कुरान से हुई, जिसने पूरे वातावरण को सकारात्मक और आध्यात्मिक बना दिया। ग्रामीण क्षेत्रों से आए ये बच्चे ठंड के मौसम में अक्सर कठिनाइयों का सामना करते हैं, ऐसे में दोनों संस्थाओं का यह प्रयास बेहद सराहनीय माना जा रहा है।
बच्चों में मानवता और मदद का संदेश
माही संस्था के संयोजक इबरार अहमद ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि जिस तरह आज उन्हें ठंड से बचाने के लिए कंबल दिया जा रहा है, उसी तरह उन्हें भी बड़ा होकर जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज तभी आगे बढ़ता है जब लोग एक-दूसरे का साथ देने की भावना रखते हैं और इंसानियत को सबसे ऊपर रखते हैं।
“आओ हाथ मिलाएं” संस्था के अध्यक्ष डॉक्टर नाजिश हसन ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सभी बच्चों को पढ़-लिखकर समाज, मोहल्ले और देश के विकास में योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुरान का संदेश इंसानियत है, और यह संदेश हर इंसान तक पहुंचना चाहिए—चाहे वह किसी भी मजहब से जुड़ा क्यों न हो।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बच्चे रहे मौजूद
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें मदरसा आलिया के सैकड़ों बच्चे शामिल हुए। बच्चों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को उत्साह और उमंग से भर दिया।
संस्था के सदस्यों में नाजिश जिशान, असद रूमान, अहमद हुसैन, हाजी नवाब, शाहिद टुकलू, हाजी मुनव्वर, मुकरम और मुजफ्फर समेत कई लोग उपस्थित थे, जिन्होंने इस कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कंबल वितरण समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसने वहां मौजूद सभी बच्चों और अतिथियों में एकता और देशभक्ति की भावना को मजबूत किया।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे सामाजिक प्रयास बच्चों में न केवल सुरक्षा और सहयोग की भावना जगाते हैं, बल्कि उन्हें समाज के प्रति जिम्मेदार भी बनाते हैं।
ठंड से बचाव ही नहीं, सामाजिक जागरूकता का भी संदेश
कांके क्षेत्र में जहां ठंड का प्रभाव सबसे ज्यादा पड़ता है, वहां इस तरह की पहल बच्चों के लिए राहत बनकर आती है।
सामाजिक संस्थाओं द्वारा किया गया यह आयोजन सिर्फ कंबल वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें बच्चों को समाज, शिक्षा और इंसानियत के प्रति जागरूक करने का भी संदेश दिया गया।
इस तरह के कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव का आधार बनते हैं और आने वाली पीढ़ी को संवेदनशील, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।










