नई दिल्ली / रांची: पूर्वी तटीय इलाकों में हाल ही में आए चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) के बाद अब बंगाल की खाड़ी में एक और नए चक्रवात का खतरा मंडरा रहा है। दक्षिण-पश्चिम और उससे सटी पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे दबाव ने तीव्र होकर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ (Murasu) का रूप ले लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 1 नवंबर 2026 को जारी राष्ट्रीय बुलेटिन (संख्या 7) के अनुसार, यह प्रणाली तेजी से उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रही है। इसे देखते हुए आंध्र प्रदेश और उससे सटे उत्तरी तमिलनाडु तट के लिए चक्रवात की चेतावनी (Cyclone Warning) जारी की गई है।
पिछले 6 घंटे में 27 किमी/घंटा की रफ्तार से बढ़ा आगे
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात ‘मुरासु’ पिछले 6 घंटों में 27 किमी प्रति घंटे की गति से पश्चिम-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ा। 1 नवंबर 2026 को दोपहर 14:30 बजे (IST) यह प्रणाली 12.4°N अक्षांश और 84.6°E देशांतर के पास केंद्रित थी।
तटीय शहरों से इसकी दूरी इस प्रकार दर्ज की गई:
- चेन्नई (तमिलनाडु): लगभग 480 किमी पूर्व-दक्षिणपूर्व
- नेल्लोर (आंध्र प्रदेश): लगभग 550 किमी पूर्व-दक्षिणपूर्व
- मछलीपट्टनम (आंध्र प्रदेश): लगभग 560 किमी दक्षिण-पूर्व
- ओंगोल (आंध्र प्रदेश): लगभग 600 किमी दक्षिण-पूर्व
- विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश): करीब 610 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व
2 नवंबर को बनेगा ‘गंभीर चक्रवात’, 120 किमी/घंटा तक चल सकती हैं हवाएं
आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, यह चक्रवाती तूफान पश्चिम-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ते हुए 2 नवंबर की सुबह तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में एक ‘गंभीर चक्रवाती तूफान’ (Severe Cyclonic Storm) में तब्दील हो जाएगा।
इसके बाद यह उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर मुड़ेगा और:
- लैंडफॉल का समय: 2 नवंबर की मध्यरात्रि (23:30 IST) से 3 नवंबर की तड़के (04:00 IST) के बीच।
- संभावित क्षेत्र: दक्षिणी आंध्र प्रदेश तट पर नेल्लोर और नरसीपुर के बीच इसके तट पार करने की संभावना है।
- हवा की रफ्तार: लैंडफॉल के दौरान हवा की गति 100 से 110 किमी प्रति घंटा रह सकती है, जिसके झोंके (gusting) 120 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं।
समुद्र में जाने पर रोक, अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने समुद्र में अत्यधिक खराब स्थिति (High to Phenomenal sea conditions) को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है। प्रशासन ने तटीय इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन राहत तंत्र को सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं।
झारखंड पर असर: राज्य में फिलहाल मौसम शुष्क
इधर, मौसम केंद्र रांची द्वारा 1 नवंबर शाम 17:30 बजे तक जारी बुलेटिन के अनुसार झारखंड में मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है। राज्य के किसी भी हिस्से में वर्षा दर्ज नहीं की गई है।
- राज्य में सर्वाधिक अधिकतम तापमान लातेहार AWS पर 33.3°C रहा।
- रांची में अधिकतम तापमान 29.2°C और न्यूनतम तापमान 19.5°C दर्ज किया गया।
- जमशेदपुर में अधिकतम तापमान 31.2°C और न्यूनतम 23.6°C रहा।
- डाल्टनगंज में अधिकतम तापमान 31.0°C और न्यूनतम 20.5°C रिकॉर्ड हुआ।
फिलहाल चक्रवात ‘मुरासु’ का सीधा असर झारखंड के मौसम पर नहीं देखा गया है, हालांकि मौसम विज्ञान केंद्र स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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