रांची: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रांची स्थित मौसम केंद्र द्वारा 31 अक्टूबर 2026 को जारी दैनिक मौसम बुलेटिन के अनुसार, झारखंड में अगले तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है। इसके बाद अगले दो दिनों तक अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं। वहीं, अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान स्थिर रहने के बाद आगामी तीन दिनों में इसमें 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक गिरावट आ सकती है।
बीते 24 घंटों में हरिहरगंज में सबसे ज्यादा वर्षा
मौसम केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में कई स्थानों पर गर्जन के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की गई। इस दौरान सर्वाधिक 45.1 मिलीमीटर वर्षा पलामू जिले के हरिहरगंज में रिकॉर्ड की गई। राज्य में सबसे अधिक तापमान 29.9 डिग्री सेल्सियस दारीसाई (AWS) में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.4 डिग्री सेल्सियस लातेहार (AWS) में दर्ज हुआ।
आगामी दिनों के लिए मौसम का पूर्वानुमान
- 31 अक्टूबर 2026: सुबह हल्के से मध्यम कोहरे के बाद राज्य के कुछ स्थानों पर बादल छाए रहने और मेघ गर्जन के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा की संभावना जताई गई है।
- 1 नवंबर 2026: उत्तर-पूर्वी, मध्य और दक्षिणी भागों में कहीं-कहीं हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश या मेघ गर्जन के आसार हैं।
- 2 नवंबर 2026: राज्य के कुछ स्थानों पर आंशिक बादल छाए रहेंगे और गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
- 3 से 5 नवंबर 2026: दक्षिणी और निकटवर्ती मध्य भागों में कहीं-कहीं मेघ गर्जन के साथ हल्की वर्षा का अनुमान है।
- 6 नवंबर 2026: सुबह के समय कुहासा/कोहरा रहने के बाद आसमान मुख्यतः साफ रहेगा।

कोई आधिकारिक चेतावनी जारी नहीं
मौसम केंद्र, रांची के वैज्ञानिक-डी एवं प्रमुख डॉ. बाबुराज पी. पी. द्वारा हस्ताक्षरित बुलेटिन के अनुसार, 31 अक्टूबर से 6 नवंबर 2026 तक के लिए राज्य के किसी भी हिस्से में कोई मौसम संबंधी चेतावनी (चेतावनी श्रेणी: ‘कुछ नहीं’) जारी नहीं की गई है।
बुलेटिन के अनुसार, उत्तर प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से पर बना चक्रवाती तूफान “अर्णब” का अवशेष (कम दबाव का क्षेत्र) कमजोर होकर 1.5 किमी ऊंचाई तक सक्रिय है और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव में है। वहीं, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे अंडमान सागर के ऊपर बना सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र (Well-Marked Low-pressure area) डिप्रेशन में तब्दील होकर चक्रवाती तूफान के रूप में 2 नवंबर 2026 की शाम तक आंध्र प्रदेश तट के करीब पहुंचने की संभावना है।
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