रांची: झारखंड पात्रता परीक्षा (JTET) 2026 में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए राहत की खबर है। 1 नवंबर को प्रस्तावित परीक्षा के दौरान चक्रवाती तूफान अर्नव के कारण किसी बड़ी मौसमी परेशानी की आशंका नहीं है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के अभिषेक आनंद ने कहा है कि परीक्षा की तारीख पर मौसम को लेकर कोई चेतावनी नहीं है। हालांकि, बीच-बीच में बारिश हो सकती है, इसलिए अभ्यर्थियों को छाता या रेनकोट साथ रखने की सलाह दी गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अभिषेक आनंद ने परीक्षा पर मौसम के संभावित असर के बारे में बताया कि परीक्षा के दिन अभ्यर्थियों को मौसम के कारण विशेष परेशानी होने की आशंका नहीं है। उन्होंने कहा कि बारिश होने की स्थिति में बचाव के लिए अभ्यर्थी छाता या रेनकोट लेकर निकल सकते हैं।
पश्चिमी झारखंड में भारी बारिश की आशंका
अभिषेक आनंद के मुताबिक,30 अक्टूबर को चक्रवाती तूफान अर्नव का प्रभाव झारखंड के मौसम पर पड़ रहा है। इसके कारण राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं।
उन्होंने बताया कि गढ़वा, पलामू, लातेहार, गुमला और सिमडेगा जैसे छत्तीसगढ़ से सटे पश्चिमी जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
इसके अलावा चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, रामगढ़, रांची, खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम सहित अन्य जिलों में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है हवा
मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, बारिश के दौरान घने बादलों के समूह आने पर मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान कुछ समय के लिए तेज बारिश और सतही हवाएं चलने की संभावना है। हवा की गति बीच-बीच में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
31 अक्टूबर और 1 नवंबर को मौसम की स्थिति
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से उपलब्ध कराए गए 29 अक्टूबर के पूर्वानुमान में 31 अक्टूबर और 1 नवंबर के लिए झारखंड में कोई मौसम चेतावनी दर्ज नहीं है।
अभिषेक आनंद के अनुसार, 30 अक्टूबर की दोपहर से राज्य के अधिकांश जिलों में मौसम की स्थिति में सुधार होने की संभावना है। 31 अक्टूबर से लगभग सभी जिलों में हालात बेहतर हो सकते हैं। तापमान में भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
हालांकि, आसमान पूरी तरह साफ होने में समय लगेगा। दक्षिण अंडमान के पास बने एक अन्य निम्न दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से 3 नवंबर तक कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम पूरी तरह साफ होने और बारिश की गतिविधियां थमने के लिए 4 नवंबर तक इंतजार करना पड़ सकता है।
JTET अभ्यर्थियों के लिए क्या है सलाह?
- परीक्षा केंद्र के लिए निकलते समय मौसम की स्थिति का ध्यान रखें।
- एहतियात के तौर पर छाता या रेनकोट साथ रखें।
- संभावित बारिश को देखते हुए परीक्षा केंद्र पहुंचने के लिए पर्याप्त समय लेकर निकलें।
फिलहाल उपलब्ध मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 1 नवंबर को JTET परीक्षा के लिए कोई मौसम चेतावनी दर्ज नहीं है। अभ्यर्थियों को परीक्षा की तैयारी के साथ सामान्य सावधानी बरतने की जरूरत है।














