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Ranchi
यह खबर कहाँ की हैबोड़ेया, रांची, झारखंड

रांची के बोड़ेया में ईसाई धर्म प्रचारकों के प्रवेश पर रोक का निर्णय, ग्राम सभा ने लगाया चेतावनी बोर्ड

बोड़ेया/रांची। रांची जिले की बोड़ेया पंचायत के बोड़ेया गांव में सोमवार को हुई ग्राम सभा की बैठक में ईसाई धर्म प्रचारकों, पादरियों और पास्टरों के प्रवेश पर रोक लगाने का निर्णय लिए जाने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, ग्राम प्रधान अनिल उरांव की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद बोड़ेया चौक पर इससे संबंधित बोर्ड भी लगाया गया।

स्रोत सामग्री में ईसाई समुदाय के लोगों के प्रवेश पर भी रोक का उल्लेख है। हालांकि, ग्राम सभा के लिखित प्रस्ताव और बोर्ड का मूल पाठ उपलब्ध नहीं होने से निर्णय का सटीक दायरा स्पष्ट नहीं है।

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बोड़ेया के मुखिया सोमा उरांव के मुताबिक, बैठक में बीमारी ठीक करने के नाम पर होने वाली चंगाई प्रार्थना सभाओं और प्रार्थना महोत्सव जैसे आयोजनों पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया।

संगठनों ने संस्कृति और परंपरा के संरक्षण का दिया तर्क

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झारखंड आदिवासी सरना विकास समिति, धुर्वा के अध्यक्ष मेघा उरांव ने दावा किया कि मतांतरण से आदिवासी समाज की धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं और प्रथागत स्वशासन व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उन्होंने इसे रोकने की जरूरत बताई।

जनजाति सुरक्षा मंच के क्षेत्रीय संयोजक संदीप उरांव ने पांचवीं अनुसूची और पेसा कानून का हवाला देते हुए ग्राम सभाओं के अधिकारों की बात कही। उनका कहना था कि ग्राम सभाओं को गांव के विकास के साथ अपनी धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण का भी अधिकार है।

हालांकि, इन बयानों से किसी धार्मिक समुदाय या उसके प्रचारकों के प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध की कानूनी वैधता स्थापित नहीं होती। उपलब्ध सामग्री में इस निर्णय पर प्रशासन का कोई आदेश या स्पष्टीकरण शामिल नहीं है।

इटकी में भी बोर्ड लगाए जाने का उल्लेख

प्राप्त विवरण में इससे पहले इसी महीने इटकी के हरमू सालोटोली गांव में पादरियों के प्रवेश पर रोक से संबंधित बोर्ड लगाए जाने की बात कही गई है। उस घटना का मूल प्रस्ताव या प्रशासनिक प्रतिक्रिया भी उपलब्ध सामग्री में शामिल नहीं है।

बोड़ेया की बैठक में जिला परिषद सदस्य किरण देवी, वार्ड सदस्य कैलाश मंडा, जनजाति सुरक्षा मंच के प्रदेश सदस्य सनी उरांव, झरी उरांव, राजन उरांव, फूलचंद तिर्की, बालेश्वर पाहन, मालती देवी और सुनीता देवी सहित अन्य लोगों के शामिल होने की जानकारी दी गई है।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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