धनबाद। बाघमारा में कतरी नदी के प्राकृतिक प्रवाह से कथित छेड़छाड़ के मामले में जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, कोयला परिवहन के लिए नदी में आठ स्पैन का कच्चा पुल बनाने और किनारों पर मिट्टी व ओवरबर्डन भरकर बहाव क्षेत्र संकीर्ण करने के आरोप में बीसीसीएल के अधिकारियों तथा आरके कोल माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
प्रशासन ने संबंधित पक्षों को 24 घंटे के भीतर पुल हटाने का निर्देश दिया है। चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय में पुल नहीं हटाया गया तो प्रशासन उसे बलपूर्वक हटाएगा और कार्रवाई का खर्च संबंधित पक्षों से वसूलेगा।
निरीक्षण में पुल और मिट्टी भराई मिलने का दावा
अंचलाधिकारी गिरिजानंद किस्कू के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद स्थल का भौतिक निरीक्षण किया गया। इस दौरान नदी के बीच आठ स्पैन का पुल और किनारे पर मिट्टी भरकर तैयार किया गया रास्ता मिला। उन्होंने बताया कि मिट्टी भराई से नदी का बहाव क्षेत्र संकीर्ण होने की बात सामने आई।
अंचलाधिकारी के अनुसार, मौके पर मौजूद संबंधित लोगों से पुल निर्माण की अनुमति और जरूरी दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे संतोषजनक दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके। उन्होंने मामले की रिपोर्ट उपायुक्त को भेजे जाने की बात भी कही।
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निर्माण की अनुमति और पर्यावरणीय पहलुओं की होगी जांच
प्रशासन के मुताबिक, जांच में यह देखा जाएगा कि नदी में पुल निर्माण की अनुमति किस स्तर पर दी गई और आवश्यक स्वीकृतियां ली गई थीं या नहीं। इस संबंध में बीसीसीएल प्रबंधन की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
जिला प्रशासन ने जल संसाधन विभाग, खनन विभाग, पर्यावरण विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से समन्वित रिपोर्ट लेने की बात कही है। अधिकारियों के अनुसार, पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर मामले को राष्ट्रीय हरित अधिकरण यानी एनजीटी के समक्ष भी उठाया जा सकता है।
नदी के प्राकृतिक प्रवाह को प्रभावित करने सहित सभी आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।














