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बंगाल की खाड़ी में बन रहा चक्रवाती तूफान, जानिए झारखंड में कब, कहाँ और कितना होगा इसका असर

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और मौसम केंद्र, रांची के 24 अक्टूबर 2026 के बुलेटिन के अनुसार बंगाल की खाड़ी में मौसमी हलचल तेज हो गई है। पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना सुव्यक्त निम्न दबाव क्षेत्र (Well-marked Low Pressure Area) आने वाले दिनों में चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है।

इस मौसमी तंत्र की दिशा, इसके चक्रवात में तब्दील होने की समय-सारिणी और 27 से 30 अक्टूबर के दौरान झारखंड पर पड़ने वाले असर को लेकर स्थिति इस प्रकार है:

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1. समुद्र में क्या बन रहा है और इसका आगे का रास्ता क्या है?

  • वर्तमान स्थिति (24 अक्टूबर): पूर्व-मध्य और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर सुव्यक्त निम्न दबाव क्षेत्र बना हुआ है।
  • अवदाब और गहरा अवदाब (24–25 अक्टूबर): 24 अक्टूबर को इसके अवदाब (Depression) में और 25 अक्टूबर को गहरे अवदाब (Deep Depression) में तीव्र होने की बहुत अधिक संभावना है।
  • चक्रवाती तूफान (26 अक्टूबर की सुबह): पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए 26 अक्टूबर की सुबह तक इसके पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती तूफान (Cyclonic Storm) में तब्दील होने का अनुमान है।
  • तट के करीब पहुंचना (28 अक्टूबर): यह चक्रवाती तूफान और अधिक तीव्र होकर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा और 28 अक्टूबर 2026 की सुबह के आसपास आंध्र प्रदेश तट के निकट पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर पहुंचेगा।
चक्रवाती तूफान

2. झारखंड पर इसका प्रभाव कब से और कैसे शुरू होगा?

मौसम केंद्र रांची के अनुसार, 26 अक्टूबर तक राज्य में मौसम मुख्यतः साफ या आंशिक बादल वाला रहेगा। इसके बाद प्रभाव चरणबद्ध तरीके से दिखेगा:

  • 27 अक्टूबर (मौसम में बदलाव की शुरुआत): राज्य के पूर्वी, दक्षिणी और निकटवर्ती मध्य भागों में आंशिक बादल छाए रहेंगे। कहीं-कहीं मेघगर्जन और वज्रपात के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने और हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा होने की संभावना है। इसके लिए मौसम केंद्र ने ‘येलो वॉच’ जारी की है।
  • 28 अक्टूबर (सबसे तीव्र असर का दिन):
    • तेज आंधी व वज्रपात: पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, रांची, गुमला, खूंटी, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रामगढ़, बोकारो और हजारीबाग में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के शेष उत्तर-पूर्वी जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की हवाओं का येलो अलर्ट है।
    • थंडरस्क्वॉल: IMD के राष्ट्रीय बुलेटिन में 28-29 अक्टूबर के दौरान झारखंड में 50-60 किमी/घंटा (झोंके 70 किमी/घंटा तक) के थंडरस्क्वॉल की चेतावनी दी गई है।
    • भारी बारिश की चेतावनी: रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में कहीं-कहीं भारी बारिश (64.5 से 115.5 मिमी) दर्ज हो सकती है।
  • 29 और 30 अक्टूबर (वर्षा का विस्तार): राज्यभर में बादल छाए रहेंगे और लगभग सभी स्थानों पर हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा जारी रहने का अनुमान है।
    • 29 अक्टूबर को उत्तर-पश्चिमी, दक्षिणी और मध्य भागों में कहीं-कहीं भारी वर्षा तथा 30 से 40 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं।
    • 30 अक्टूबर को भी दक्षिणी, मध्य और उत्तर-पश्चिमी भागों में कहीं-कहीं भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

3. तापमान पर क्या पड़ेगा प्रभाव?

मौसम केंद्र रांची के अनुसार, अगले 3 दिनों (24 से 26 अक्टूबर) के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद (27 अक्टूबर से) बादल और बारिश के चलते अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है।

वहीं, न्यूनतम तापमान में अगले 3 दिनों के बाद बादलों की मौजूदगी के कारण धीरे-धीरे 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने का अनुमान है।

4. मौसम विभाग के दिशा-निर्देश और सावधानियां

मौसम विभाग ने तेज हवाओं, वज्रपात और भारी वर्षा के मद्देनजर आवश्यक सतर्कता बरतने की सलाह दी है:

  • मेघगर्जन या आकाशीय बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें, क्योंकि यह जोखिम भरा हो सकता है।
  • बिजली के उपकरणों को अनप्लग करें और खुले जलाशयों या बिजली के सुचालक तारों/वस्तुओं से दूर रहें।
  • 50 से 60 किमी प्रति घंटे की हवाओं से पेड़ों की कमजोर शाखाएं टूटने, कच्चे मकानों या छप्परों को नुकसान पहुंचने और फसलों के गिरने का खतरा रहता है; किसान कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें या ढककर रखें।
  • निचले इलाकों में जलजमाव होने की स्थिति में सावधानी बरतें और आधिकारिक मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें।
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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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