नेमरा/रामगढ़: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दिवंगत मां रूपी सोरेन का दशकर्म आज रामगढ़ जिले के पैतृक गांव नेमरा में होगा। रविवार को संस्कार भोज का आयोजन किया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दोनों कार्यक्रमों की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा, पार्किंग और गांव तक आवाजाही की विशेष व्यवस्था की गई है।
आम लोगों के वाहनों के लिए नेमरा से करीब पांच किलोमीटर पहले लुकैयाटांड़ में तीन पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। यहां वाहन खड़ा करने के बाद लोग टोटो और ऑटो से गांव पहुंच सकेंगे। इसके लिए 250 से 300 टोटो-ऑटो की व्यवस्था की गई है।
मंत्री और विधायकों के वाहनों के लिए अलग पार्किंग
मंत्री, विधायक और अन्य वीआईपी के वाहनों के लिए धुमकुड़िया और मोबाइल टावर के पास अलग-अलग पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मोबाइल टावर के पास बैरिकेडिंग भी की गई है।
आंगनबाड़ी केंद्र और हेलीपैड के आसपास घेराबंदी की गई है। हेलीपैड पर अग्निशमन वाहन तैनात रहेंगे। प्रशासन की तैयारी लोगों की आवाजाही सुचारु रखने और वाहनों की भीड़ को व्यवस्थित करने पर केंद्रित है।

13 सुपर जोन और 42 सब-जोन में सुरक्षा व्यवस्था
सुरक्षा व्यवस्था के लिए पूरे क्षेत्र को 13 सुपर जोन और 42 सब-जोन में बांटा गया है। हर सुपर जोन की जिम्मेदारी एक आईपीएस अधिकारी को दी गई है, जबकि सब-जोन की कमान डीएसपी स्तर के अधिकारियों के पास होगी।
उपलब्ध सुरक्षा विवरण के अनुसार, नेमरा में एटीएस की दो हिट टीमें, झारखंड जगुआर के पांच असाल्ट ग्रुप के 135 जवान और रैपिड एक्शन पुलिस की दो कंपनियां तैनात रहेंगी। इसके अलावा इंस्पेक्टर, दारोगा, एएसआई, लाठी बल और ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी व्यवस्था संभालेंगे।
रविवार के संस्कार भोज से लेकर 19 अक्टूबर की सुबह तक विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी। संस्कार भोज के साथ दुर्गापूजा के आयोजनों में भी लोगों की भीड़ पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा और यातायात प्रबंधन पर ध्यान दिया गया है।

नेमरा में लोगों की शिकायतें भी सुन रहे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पैतृक आवास पर पारिवारिक अनुष्ठानों के बीच लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं भी सुन रहे हैं। मुख्यमंत्री आवास से करीब 200 मीटर पहले लोगों के लिए बड़ा पंडाल बनाया गया है। वे अनुष्ठानों से समय निकालकर यहां ग्रामीणों से संवाद कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शिकायतों का समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण समाधान करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निपटारा केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए। अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को भी कहा गया है कि किसी नागरिक को निराश होकर वापस नहीं लौटना पड़े।













