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Jharkhand News: झारखंड में 2027-28 से बदलेंगी तीसरी, चौथी और नौवीं की किताबें

रांची: झारखंड के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2027-28 से तीसरी, चौथी और नौवीं कक्षा की पाठ्य-पुस्तकें बदल जाएंगी। झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (JCERT) ने तीसरी और चौथी कक्षा की नई पुस्तकें तैयार कर ली हैं। वहीं, नौवीं कक्षा में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की संशोधित पुस्तकें लागू करने की तैयारी है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, JCERT ने इस संबंध में झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद को सूचित कर दिया है। शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए पुस्तकों का प्रकाशन झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के माध्यम से होना है।

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तीसरी और चौथी कक्षा की नई किताबें तैयार

झारखंड में पहली से आठवीं कक्षा तक के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में सामान्यतः JCERT की तैयार पाठ्य-पुस्तकें लागू होती हैं। तीसरी से आठवीं कक्षा तक की संशोधित पुस्तकों को अगले शैक्षणिक सत्र में लागू करने की योजना थी, लेकिन फिलहाल तीसरी और चौथी कक्षा की पुस्तकें ही अंतिम रूप से तैयार हो सकी हैं।

इसका मतलब है कि तीसरी और चौथी कक्षा के विद्यार्थियों को शैक्षणिक सत्र 2027-28 से नई पुस्तकें मिलने की तैयारी है। हालांकि, पुस्तकों की उपलब्धता और वितरण से संबंधित विस्तृत कार्यक्रम की जानकारी स्रोत सामग्री में नहीं दी गई है।

नौवीं कक्षा में लागू होंगी NCERT की संशोधित पुस्तकें

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क-2023 के तहत NCERT ने पाठ्य-पुस्तकों में बदलाव किए हैं। झारखंड में नौवीं कक्षा के लिए भी NCERT की संशोधित पुस्तकों को लागू करने की योजना है।

राज्य में नौवीं से बारहवीं कक्षा तक NCERT की पुस्तकें पढ़ाई जाती हैं। ऐसे में नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए नई पुस्तकों को शैक्षणिक सत्र 2027-28 से लागू करना प्रस्तावित है।

पहली और दूसरी कक्षा में पहले ही लागू हुईं संशोधित पुस्तकें

झारखंड में पहली और दूसरी कक्षा की संशोधित पाठ्य-पुस्तकें शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू की गई हैं। इससे पहले NCERT ने भी वर्तमान शैक्षणिक सत्र से पहली से नौवीं कक्षा तक की पुस्तकों में बदलाव किया था।

हालांकि, झारखंड के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में संशोधित पुस्तकें एक साथ लागू नहीं हो सकीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्तमान सत्र में राज्य के 80 CM School of Excellence में NCERT की बदली हुई पुस्तकें लागू की गईं। अन्य सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के लिए पुस्तकों के प्रकाशन का टेंडर पहले ही अंतिम हो जाने के कारण पुरानी पुस्तकों को बदलना संभव नहीं हो सका था।

पांचवीं से आठवीं कक्षा की किताबें 2028-29 से बदलेंगी

तीसरी और चौथी कक्षा की पुस्तकें तैयार होने के बावजूद पांचवीं से आठवीं कक्षा की संशोधित पुस्तकों को लागू करने में अभी समय लगेगा। इन कक्षाओं की नई पुस्तकें शैक्षणिक सत्र 2028-29 से लागू होने की जानकारी दी गई है।

इस बदलाव का असर इन कक्षाओं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और स्कूलों की पुस्तक व्यवस्था पर पड़ेगा। नई पुस्तकों के प्रकाशन और वितरण की समय-सारणी के अनुसार ही स्कूलों में उनका इस्तेमाल शुरू हो सकेगा।

दसवीं और ग्यारहवीं की किताबों में बदलाव कब होगा?

झारखंड में दसवीं और ग्यारहवीं कक्षा की पाठ्य-पुस्तकें भी शैक्षणिक सत्र 2028-29 से बदलने की संभावना है।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, NCERT की ओर से दसवीं कक्षा की पुस्तकें अगले वर्ष जनवरी और ग्यारहवीं की पुस्तकें फरवरी में संशोधित किए जाने की संभावना है। झारखंड में पुस्तकों के प्रकाशन की प्रक्रिया पहले से संचालित होने के कारण इन बदलावों को राज्य में तुरंत लागू करना मुश्किल बताया गया है।

कक्षा बारहवीं की पुस्तकों में बदलाव इसके बाद किया जाएगा। हालांकि, इसके लिए सटीक समय-सीमा उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं की गई है।

किस कक्षा में कब बदलेंगी किताबें?

  • शैक्षणिक सत्र 2026-27: पहली और दूसरी कक्षा की संशोधित JCERT पुस्तकें लागू।
  • शैक्षणिक सत्र 2027-28: तीसरी, चौथी और नौवीं कक्षा की नई पुस्तकें लागू करने की तैयारी।
  • शैक्षणिक सत्र 2028-29: पांचवीं से आठवीं तथा दसवीं और ग्यारहवीं कक्षा की पुस्तकों में बदलाव प्रस्तावित।
  • कक्षा बारहवीं: पुस्तकें बाद के चरण में संशोधित की जाएंगी; सटीक सत्र की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

इस प्रकार, झारखंड में स्कूली पाठ्य-पुस्तकों में बदलाव चरणबद्ध तरीके से किए जाने की योजना है। विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्कूलों को नई पुस्तकों के प्रकाशन तथा वितरण से जुड़ी आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान देना होगा।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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