Ranchi | चक्रवात ‘अर्नब’ के बाद आई तेज आंधी और बारिश ने झारखंड के कई हिस्सों में बिजली गुल कर दी है। रांची और बोकारो समेत कई शहरों में हाई-टेंशन तार टूटने और खंभे गिरने से हाहाकार मचा हुआ है।
अगर आपके घर या मोहल्ले में भी बत्ती गुल है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने त्वरित समाधान के लिए चौबीसों घंटे सक्रिय हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
ऊर्जा मुख्यालय के सख्त निर्देश के बाद फील्ड टीमें अलर्ट मोड पर हैं और शिकायतों पर तत्काल एक्शन लिया जा रहा है।
हेल्पलाइन नंबर: फॉल्ट होते ही इन मोबाइलों पर करें संपर्क
बिजली गुल होने, ट्रांसफार्मर में स्पार्किंग या तार टूटने की सूचना सीधे कंट्रोल रूम तक पहुंचाने के लिए विभाग ने डेडिकेटेड हेल्पलाइन जारी की है। उपभोक्ता अपनी समस्या दर्ज कराने के लिए नीचे दिए गए नंबरों पर डायल कर सकते हैं:
- 9031110121
- 8003456570
- 9431135503
- 9031110118
- 9031110119
- 9031110120
विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि किसी भी टूटे हुए तार या गिरे हुए पोल के पास खुद न जाएं, बल्कि तुरंत इन नंबरों पर कॉल कर तकनीकी टीम को लोकेशन बताएं।
[इस घटना से जुड़ी तस्वीर/वीडियो यहाँ देखें: हेल्पलाइन कंट्रोल रूम में शिकायतों पर त्वरित एक्शन लेते कर्मचारी]
ऊर्जा मुख्यालय में हड़कंप: एमडी ने दिए ऑन-द-स्पॉट समाधान के आदेश
आंधी-बारिश के चलते रांची, बोकारो और जमशेदपुर जैसे बड़े शहरों में ब्लैकआउट होते ही ऊर्जा मुख्यालय हरकत में आ गया। जेबीवीएनएल के एमडी के. श्रीनिवासन ने आला अधिकारियों और महाप्रबंधकों को तलब कर स्पष्ट निर्देश दिए कि बहाली कार्य में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समीक्षा बैठक के दौरान सामने आया कि पेड़ों की भारी डालियां गिरने से तारों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है।
“जहां भी सप्लाई अभी बाधित है, वहां के सब-स्टेशन पर योग्य और जिम्मेदार अधिकारी खुद मौजूद रहें। कंट्रोल रूम में आने वाली हर शिकायत का रियल-टाइम समाधान सुनिश्चित किया जाए।”
— के. श्रीनिवासन, एमडी, JBVNL
रांची के इन इलाकों में युद्धस्तर पर मरम्मत जारी
राजधानी रांची के चुटिया, मेन रोड, चडरी, नामकुम, कुसई कॉलोनी, खेल गांव, कोकर, टाटीसिलवे, बरियातु, विकास, सिल्ली और बूटी मोड़ जैसे बड़े इलाकों में तूफान से बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ था।
अस्पतालों और संवेदनशील संस्थानों की अहमियत को देखते हुए रिम्स और एयरपोर्ट फीडर को विशेष प्राथमिकता देकर देर रात तक अधिकांश मुख्य लाइनों को चालू कर दिया गया। शेष इलाकों में बिजली कर्मी गिरे हुए पेड़ों को हटाकर नए तार खींचने के काम में जुटे हुए हैं।
[इस घटना से जुड़ी तस्वीर/वीडियो यहाँ देखें: ग्राउंड पर क्रेन और उपकरणों के साथ खंभे दुरुस्त करते बिजली कर्मी]
अगला कदम: उपनगरीय इलाकों में कब तक आएगी बिजली?
शहरी फीडरों के बड़े हिस्से में आपूर्ति बहाल करने के बाद अब निगम का मुख्य फोकस प्रभावित कॉलोनियों, उपनगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों के लोकल फॉल्ट दूर करने पर है।
मौसम के मिजाज को देखते हुए आपातकालीन गैंग और तकनीकी टीमों को पूरी रात ग्राउंड पर तैनात रहने को कहा गया है। विभाग का दावा है कि हेल्पलाइन पर दर्ज होने वाली शिकायतों को क्रमवार प्राथमिकता देकर बहुत जल्द पूरी व्यवस्था को 100% सामान्य कर दिया जाएगा।











