रांची/खूंटी: झारखंड के खूंटी, तोरपा और तमाड़ के जनजातीय इलाकों में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान अचानक हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों ने इन्यूमरेशन फॉर्म भरने से साफ इनकार कर दिया। सूचना मिलते ही मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के. रवि कुमार अधिकारियों की टीम के साथ ग्राउंड जीरो पर पहुंचे।
उन्होंने आदिवासियों के घर-घर जाकर खुद संवाद साधा और उन्हें फॉर्म भरकर स्थानीय बीएलओ (BLO) को जमा करने के लिए प्रेरित किया। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में फैली भ्रांतियां दूर हो रही हैं।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि 5 अगस्त 2026 को प्रकाशित होने वाली मतदाता सूची के प्रारूप में हर पात्र नागरिक का नाम शामिल होना बेहद जरूरी है।
तोरपा और तमाड़ में ग्राउंड जीरो रिपोर्ट: अचानक क्यों हुआ इनकार?
खूंटी और आसपास के इलाकों में जब बीएलओ इन्यूमरेशन फॉर्म बांटने पहुंचे, तो जनजातीय समुदाय के कुछ परिवारों ने इसे स्वीकार करने में झिझक दिखाई। जैसे ही यह खबर राज्य निर्वाचन आयोग के मुख्यालय तक पहुंची, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी खुद खूंटी जिले के गांवों में उतर गए।
समीक्षा के दौरान पाया गया कि जनजातीय समुदाय में कुछ स्थानीय अफवाहों और जानकारी के अभाव के कारण फॉर्म जमा न करने की बात सामने आई थी। अधिकारियों ने मौके पर ही चौपाल लगाकर ग्रामीणों की हर आशंका का समाधान किया।
मतदान हमारा संवैधानिक अधिकार: चुनाव आयोग का बड़ा संदेश
जनजातीय परिवारों के साथ उनके आवास पर बैठकर चर्चा करते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता के महत्व पर जोर दिया।
“प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक को मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य दर्ज कराना चाहिए, यह आपका संवैधानिक अधिकार है। मतदाता सूची से जुड़कर ही आप अपने मताधिकार को सुरक्षित कर सकते हैं।” — के. रवि कुमार, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जिला प्रशासन, ईआरओ (ERO) और बीएलओ को निर्देश दिया है कि कोई भी बुजुर्ग, बीमार, दिव्यांग या विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) का नागरिक इस प्रक्रिया में पीछे न छूटे।
5 अगस्त 2026 की समयसीमा और प्रशासन की तैयारी
राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे समय रहते अपना इन्यूमरेशन फॉर्म भरकर जमा करें, ताकि 5 अगस्त 2026 को जारी होने वाले मतदाता सूची के प्रारूप में उनका नाम दर्ज हो सके।
खूंटी के जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त मो. जावेद हुसैन और स्थानीय ईआरओ-एईआरओ की टीम ने गांव-गांव में विशेष कैंप लगाने की रणनीति बनाई है। साथ ही सभी राजनीतिक दलों और स्वयंसेवकों से भी लोगों को जागरूक करने की अपील की गई है।
निर्वाचन आयोग की इस सीधी पहल के बाद खूंटी और आसपास के इलाकों में जनजातीय समुदाय के बीच सकारात्मक माहौल बना है। प्रशासन अब विशेष जागरूकता अभियानों और बीएलओ सुपरवाइजरों के जरिए शत-प्रतिशत फॉर्म कलेक्शन सुनिश्चित कर रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि मतदाता सूची के अंतिम प्रारूप में इन क्षेत्रों से कितनी नई सहभागिता दर्ज होती है।











