ताज़ा खबरें
लोड हो रहा है... ताज़ा खबरों के लिए बने रहें...
विज्ञापन
Sports

रांची टी20 में वैभव सूर्यवंशी को मौका नहीं, संजू सैमसन के चयन को कैसे समझें?

Ranchi | रांची के जेएससीए स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरे टी20 मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी को अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली, जबकि संजू सैमसन टीम में बने रहे। मैच से पहले संजू के हालिया कम स्कोर को लेकर सवाल थे, लेकिन रांची में उन्होंने अर्धशतक लगाया। BCCI ने 9 अक्टूबर 2026 को उनकी इस पारी का आधिकारिक वीडियो प्रकाशित किया है।

इस नई पारी के बाद चयन की चर्चा का संदर्भ बदल गया है। हालांकि, वैभव को इस मुकाबले में मौका क्यों नहीं मिला, इसका स्पष्ट आधिकारिक कारण उपलब्ध नहीं है। इसलिए संजू का अनुभव, वैभव की उम्र या टीम की रणनीति—किसी एक बात को उनके बाहर रहने की निश्चित वजह नहीं बताया जा सकता।

Advertisement

टीम में चयन और अंतिम एकादश में जगह अलग बातें हैं

BCCI की 16 सितंबर 2026 की घोषणा में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारतीय टी20 दल में वैभव सूर्यवंशी और संजू सैमसन, दोनों शामिल थे। इसी सूची में ईशान किशन भी विकेटकीपर के रूप में दर्ज हैं।

दल में चुने जाने का अर्थ है कि खिलाड़ी मुकाबलों के लिए उपलब्ध विकल्पों में शामिल है। हर मैच में मैदान पर केवल 11 खिलाड़ी उतरते हैं। ऐसे में किसी बल्लेबाज को शामिल करने का फैसला बाकी खिलाड़ियों की भूमिका और पूरे टीम संयोजन से भी जुड़ता है।

वैभव के मामले में महत्वपूर्ण अंतर यही है: उनका दल में होना पुष्ट है, लेकिन इससे किसी विशेष मैच में खेलने की गारंटी नहीं मिलती।

संजू के कम स्कोर पर सवाल क्यों उठे?

उपलब्ध मैच विवरण के मुताबिक, लखनऊ के पहले टी20 में संजू ने नौ गेंदों पर 11 रन बनाए थे। इस पारी के बाद शीर्ष क्रम में बदलाव और वैभव को अवसर देने की चर्चा को आधार मिला।

लेकिन हालिया प्रदर्शन और पहले साबित की गई क्षमता, दोनों को साथ देखना जरूरी है। ICC की 8 मार्च 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, संजू ने टी20 विश्व कप की पांच पारियों में 321 रन बनाए थे और उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था। यह उनकी अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाजी क्षमता का पुष्ट उदाहरण है।

इस रिकॉर्ड को उनके चयन के पक्ष में एक तर्क माना जा सकता है। हालांकि, टीम मैनेजमेंट ने रांची में उन्हें इसी वजह से खिलाया, ऐसा घोषित कारण उपलब्ध नहीं है।

रांची के अर्धशतक से क्या बदला?

संजू के रांची में अर्धशतक लगाने के बाद यह कहना सही नहीं होगा कि उनका बल्ला इस मुकाबले में भी खामोश रहा। यह पारी उनके हालिया प्रदर्शन का आकलन करते समय शामिल करनी होगी।

फिर भी एक अर्धशतक से अगले मुकाबले की अंतिम एकादश तय नहीं हो जाती। उसी तरह कुछ कम स्कोर अपने आप किसी खिलाड़ी को बाहर करने का नियम नहीं बन जाते।

चयन के समय उपलब्ध विकल्पों और उनकी भूमिकाओं को देखना पड़ता है। यह चयन की सामान्य व्याख्या है; इसे भारतीय टीम के इस खास फैसले का आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं माना जाना चाहिए।

क्या वैभव को संजू की जगह ही मौका मिलेगा?

यह जरूरी नहीं है। वैभव को शामिल करने का सवाल केवल संजू को बाहर करने तक सीमित नहीं है। बल्लेबाजी क्रम में किसी अन्य बदलाव के जरिए भी जगह बन सकती है, लेकिन ऐसा कोई बदलाव घोषित नहीं हुआ है।

संजू की विकेटकीपिंग भूमिका भी इस चर्चा में प्रासंगिक है। साथ ही भारतीय दल में ईशान किशन भी विकेटकीपर हैं। इसलिए यह कहना भी अधूरा होगा कि संजू को हटाते ही टीम के पास विकेटकीपर नहीं बचेगा। BCCI की घोषित दल सूची दोनों खिलाड़ियों को विकेटकीपर के रूप में दर्ज करती है।

किस खिलाड़ी को बल्लेबाजी में कौन-सी जगह मिलेगी और विकेटकीपिंग कौन करेगा, यह पूरे संयोजन का सवाल है।

इसे भी पढ़ें: रांची में भारत-वेस्टइंडीज का दूसरा टी-20 मैच 9 अक्टूबर को, शाम 7 बजे से मुकाबला

क्या उम्र की वजह से वैभव को रोका गया?

उपलब्ध जानकारी से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय अवसर देने की तैयारी एक चर्चा का विषय हो सकती है, लेकिन वैभव को रांची में बाहर रखने की घोषित वजह के रूप में इसका प्रमाण नहीं है।

इसी तरह यह दावा करना भी उचित नहीं होगा कि मैनेजमेंट उन्हें जानबूझकर रोक रहा है या संजू को विशेष प्राथमिकता दे रहा है। फैसले के पीछे का कारण बताने के लिए संबंधित आधिकारिक बयान जरूरी है।

वैभव को अगला मौका कब मिल सकता है?

BCCI के घोषित कार्यक्रम के अनुसार, श्रृंखला का अगला टी20 मुकाबला 11 अक्टूबर को इंदौर में निर्धारित है। लेकिन वैभव उस मैच में खेलेंगे या नहीं, इसकी पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

रांची में उनका बाहर रहना भविष्य के सभी मुकाबलों से बाहर रहने का संकेत नहीं है। फिलहाल उनके अवसर की तारीख बताना अनुमान होगा। अगले मैच की अंतिम एकादश या टीम की स्पष्ट घोषणा से ही इसका जवाब मिलेगा।

Related Stories & Ads

Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now