लातेहार। लातेहार सदर अस्पताल में मरीजों को लाने-ले जाने के लिए रखे स्ट्रेचर पर दवा की ढुलाई का मामला सामने आया है। अस्पताल परिसर से सामने आई तस्वीर ने मरीजों के लिए उपलब्ध साधनों के इस्तेमाल और उनकी स्वच्छता पर सवाल खड़े किए हैं।
गंभीर मरीजों, घायलों, बुजुर्गों और चलने में असमर्थ लोगों के लिए स्ट्रेचर जरूरी सुविधा है। ऐसे में मरीजों के उपयोग वाले स्ट्रेचर को सामान ढोने में लगाने पर सवाल है कि दवा की ढुलाई के लिए अलग व्यवस्था क्यों नहीं की गई।
मामले पर लातेहार के सिविल सर्जन डॉ. राजमोहन खलखो ने जानकारी लेने और तत्काल सुधार कराने की बात कही है। अब अस्पताल प्रबंधन की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
एक स्ट्रेचर से दो काम, व्यवस्था पर सवाल
लातेहार सदर अस्पताल परिसर से सामने आई तस्वीर में मरीजों के उपयोग वाले स्ट्रेचर पर दवा ढोई जा रही है। जिस साधन से मरीज को उपचार कक्ष, वार्ड या जांच केंद्र तक पहुंचाया जाता है, उसका इस्तेमाल सामग्री की ढुलाई में भी हो रहा है।
यह तस्वीर अस्पताल की रोजमर्रा की व्यवस्था से जुड़ा सवाल सामने रखती है। दवा को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाना जरूरी काम है, लेकिन इसके लिए मरीजों के स्ट्रेचर का इस्तेमाल क्यों किया गया? क्या अलग ट्रॉली उपलब्ध नहीं है, या उपलब्ध साधन का उपयोग नहीं हो रहा है? प्रबंधन की पड़ताल से स्थिति स्पष्ट होगी।
मरीजों की जरूरत के समय उपलब्धता जरूरी
अस्पताल आने वाला हर मरीज अपने पैरों पर चलकर वार्ड या जांच केंद्र तक नहीं पहुंच सकता। ऐसे मरीजों और उनके स्वजनों के लिए स्ट्रेचर की समय पर उपलब्धता मायने रखती है।
सामग्री ढोने में लगे स्ट्रेचर को उसी समय किसी मरीज की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में किसी मरीज को स्ट्रेचर नहीं मिलने या उपचार में देरी होने की पुष्टि नहीं है। सवाल यह है कि अस्पताल ऐसी स्थिति से बचने के लिए क्या व्यवस्था रखता है।
मरीजों और स्वजनों ने अलग साधन की जरूरत बताई
मरीजों और उनके स्वजनों का कहना है कि अस्पताल में बड़ी सुविधाओं के साथ रोजमर्रा की छोटी व्यवस्थाओं पर भी ध्यान देना जरूरी है। मरीजों की सुविधा के लिए रखे साधनों का उपयोग उसी उद्देश्य से होना चाहिए।
उनका कहना है कि दवा और अन्य सामग्री की ढुलाई के लिए अलग साधन उपलब्ध कराया जाए। इससे मरीजों के स्ट्रेचर का दूसरे कामों में इस्तेमाल रोकने में मदद मिलेगी।
लातेहार सदर अस्पताल में उठे इस सवाल का जवाब केवल उपकरण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। कर्मचारियों को यह स्पष्ट निर्देश देना भी जरूरी है कि मरीजों के साधनों का इस्तेमाल किन कामों में किया जा सकता है।

सफाई की व्यवस्था भी जांचे प्रबंधन
स्ट्रेचर के इस्तेमाल के साथ उसकी नियमित सफाई पर भी ध्यान देने की जरूरत है। मरीजों और सामग्री, दोनों के लिए एक ही साधन का उपयोग होने पर उसकी स्वच्छता बनाए रखने की व्यवस्था की समीक्षा होनी चाहिए।
उपलब्ध जानकारी में स्ट्रेचर की सफाई की स्थिति या उससे किसी मरीज को संक्रमण होने की पुष्टि नहीं है। इसलिए तस्वीर के आधार पर संक्रमण का निष्कर्ष निकालने के बजाय प्रबंधन को इस्तेमाल और सफाई, दोनों की वास्तविक स्थिति जांचनी होगी।
सिविल सर्जन बोले—तत्काल सुधार कराया जाएगा
मामले पर सिविल सर्जन डॉ. राजमोहन खलखो ने कहा:
“इस मामले की जानकारी लेता हूं, ऐसा कैसे हो रहा है। तत्काल सुधार कराया जाएगा।”
उनके बयान के बाद अब यह स्पष्ट होना बाकी है कि स्ट्रेचर से दवा ढुलाई किन परिस्थितियों में हुई और इसे रोकने के लिए प्रबंधन क्या कदम उठाएगा।
अब क्या करेगा अस्पताल प्रबंधन?
लातेहार सदर अस्पताल प्रबंधन के सामने पहला काम मामले की वास्तविक स्थिति पता करना है। दवा ढुलाई के लिए अलग साधन उपलब्ध है या नहीं, इसकी जांच और मरीजों के स्ट्रेचर के उपयोग को लेकर स्पष्ट निर्देश सुधार की शुरुआत हो सकते हैं।
सिविल सर्जन ने तत्काल सुधार का भरोसा दिया है। अब उस आश्वासन का असर अस्पताल की रोजमर्रा की व्यवस्था में दिखना चाहिए—ताकि मरीजों के लिए रखा स्ट्रेचर उनकी जरूरत के समय उपलब्ध रहे।










