रांची। झारखंड के लाखों प्रतियोगी परीक्षार्थियों के भारी विरोध और जारी आंदोलन के बीच हेमंत सोरेन सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। लगातार तीन दिनों तक चली मैराथन वार्ताओं के बाद राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 14वीं JPSC सिविल सेवा पीटी परीक्षा और बैकलॉग परीक्षा को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की घोषणा कर दी है।
रविवार देर शाम आयोजित एक हाई-लेवल प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार के नामित मंत्री सुदिव्य कुमार ने इस फैसले का औपचारिक ऐलान किया। इस अहम बैठक में सरकार के चार वरिष्ठ मंत्रियों के साथ JSSC अध्यक्ष प्रशांत कुमार और CID के IG मनोज कौशिक भी मौजूद रहे।
JPSC परीक्षा रद्द: CID और ED को सौंपी गई जांच की कमान
सरकार ने न केवल परीक्षा रद्द की है, बल्कि धांधली के आरोपों की गहराई से जांच के लिए दो बड़ी एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी है। मंत्री सुदिव्य कुमार ने साफ किया कि मामले में आपराधिक साजिशों की जांच CID करेगी, जबकि पैसों के लेन-देन और भ्रष्टाचार से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच ED (प्रवर्तन निदेशालय) द्वारा की जाएगी।
“पहली और दूसरी JPSC परीक्षा की जांच CBI को सौंपी गई थी, जो पिछले 20 सालों से लटकी हुई है। हम छात्रों को सालों का इंतजार नहीं कराना चाहते, इसलिए CID और केंद्र की मजबूत एजेंसी ED का कॉम्बिनेशन चुना गया है।” — सुदिव्य कुमार, राज्य कैबिनेट मंत्री
CGL परीक्षा पर क्या है रुख? HC के रिटायर्ड जज करेंगे पड़ताल
छात्रों द्वारा CGL और अन्य परीक्षाओं को भी रद्द करने की मांग उठाई जा रही थी। इस पर सरकार ने कानूनी स्थिति स्पष्ट की है। मंत्री ने कहा कि CGL परीक्षा के तहत सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देशों के मुताबिक नियुक्तियां पूरी हो चुकी हैं, ऐसे में इसे सीधे रद्द करना कानूनी रूप से संभव नहीं है।
हालांकि, छात्रों के संदेह को दूर करने के लिए सरकार ने एक बड़ा प्रस्ताव रखा है—JSSC CGL परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज से कराने की पेशकश की गई है। सरकार का रुख साफ है कि यदि अदालत से कोई नया आदेश आता है, तो उसका पूर्ण पालन किया जाएगा।
“हठधर्मिता छोड़ें छात्र”: आंदोलन और विधानसभा घेराव टालने की अपील
सोमवार को प्रस्तावित छात्रों के विधानसभा घेराव और राज्यव्यापी आंदोलन को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। मंत्री सुदिव्य कुमार ने छात्रों से भावुक अपील करते हुए कहा:
“जब सरकार आपकी मुख्य मांगों को मान चुकी है और तीन दिनों से लगातार संवाद कर रही है, तो हठधर्मिता का कोई औचित्य नहीं बनता। छात्र आंदोलन वापस लें, सरकार पूरी तरह आपके साथ खड़ी है।”
कानून-व्यवस्था पर CID के IG मनोज कौशिक ने कहा कि विधानसभा घेराव के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने कहा, “सीआईडी ने एक समर्पित ईमेल आईडी और फोन नंबर जारी किया है। जिस किसी के पास भी धांधली के सबूत हैं, वे बेझिझक साझा करें। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”
JPSC का नया SOP: IIM विशेषज्ञों की ली जाएगी मदद
परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए आयोग में बड़े स्तर पर संरचनात्मक बदलाव किए जा रहे हैं:
- नया SOP और सुझाव पोर्टल: IIM और अन्य शीर्ष संस्थानों के विशेषज्ञों की मदद से नया SOP (Standard Operating Procedure) तैयार हो रहा है। इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी लॉन्च किया गया है जहाँ छात्र अपने सुझाव दे सकेंगे।
- 2-स्तरीय परीक्षा प्रणाली: JSSC अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने बताया कि अब 50,000 से अधिक अभ्यर्थियों वाली सभी परीक्षाओं के लिए PT और Mains की अनिवार्य व्यवस्था होगी।
- पारदर्शी स्कोरकार्ड और स्टूडेंट सेंटर: अब अभ्यर्थी अपने लॉगिन से पूरी CML (कॉमन मेरिट लिस्ट), अपने अंक और रैंक पारदर्शी रूप से देख सकेंगे। साथ ही, एक नया ‘स्टूडेंट सुविधा केंद्र’ स्थापित किया जा रहा है जहाँ शिकायतों का निस्तारण 7 दिनों के भीतर होगा।











