हजारीबाग। शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती 36 वर्षीय मालती देवी की रात करीब एक बजे मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि इंजेक्शन लगाए जाने के बाद उनकी हालत अचानक बिगड़ी। इंजेक्शन गलत था या मौत की वजह कुछ और थी, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है।
जय प्रकाश मार्ग निवासी मालती देवी को तेज सिरदर्द के बाद उनकी 19 वर्षीय बेटी मुस्कान अस्पताल लेकर आई थीं। उन्हें फीमेल मेडिसिन वार्ड में भर्ती किया गया था। परिवार के अनुसार, मालती देवी अकेले मजदूरी करके अपने तीन बच्चों का पालन-पोषण करती थीं।
परिजनों ने इलाज की पर्ची माँगने पर टालमटोल का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इसके बाद ड्यूटी पर मौजूद नर्सें कमरा बंद करके चली गईं। इन आरोपों पर अस्पताल का पक्ष अभी सामने नहीं आया है।
मुस्कान ने रात की घटना के बारे में क्या बताया?
परिवार के मुताबिक, भर्ती होने के बाद मालती देवी को सलाइन और शुरुआती उपचार दिया गया। रात करीब 12 बजे सिरदर्द बढ़ने पर मुस्कान नर्स रूम गईं। परिजनों का कहना है कि ड्यूटी पर मौजूद नर्स ने पर्ची पर एक इंजेक्शन लिखा और उसे बाहर से लाने को कहा।
मुस्कान के अनुसार, इंजेक्शन लगाए जाने के बाद उनकी माँ की तबीयत तेजी से बिगड़ी और उनके मुँह से झाग निकलने लगा। परिवार का कहना है कि करीब आधे घंटे बाद मालती देवी ने दम तोड़ दिया। यह परिजनों का बताया घटनाक्रम है; दवा का नाम, उसे लिखने वाले व्यक्ति और मौत के चिकित्सकीय कारण की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इलाज की पर्ची को लेकर परिवार ने उठाए सवाल
परिजनों का आरोप है कि मालती देवी की मौत के बाद उन्होंने भर्ती पर्ची और उपचार से जुड़े दस्तावेज माँगे, लेकिन उन्हें तत्काल उपलब्ध नहीं कराया गया। परिवार के मुताबिक, उन्हें कॉपी तैयार करने की बात कही गई और बाद में नर्स रूम बंद मिला।
इलाज की पर्ची, दवा का रिकॉर्ड और उस समय की ड्यूटी का विवरण सामने आने से घटनाक्रम स्पष्ट हो सकेगा। अभी उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी नर्स या डॉक्टर की लापरवाही को साबित मानना जल्दबाजी होगी।

अस्पताल का पक्ष और जाँच में क्या स्पष्ट होना चाहिए?
दिए गए विवरण के अनुसार, अस्पताल के सुपरिटेंडेंट से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कॉल का जवाब नहीं मिला। जवाब न मिलना आरोपों की पुष्टि नहीं करता। अस्पताल प्रशासन का बयान मिलने पर यह खबर अपडेट की जानी चाहिए।
अब जाँच का मुख्य सवाल है कि मालती देवी को कौन-सी दवा दी गई, उसे किसने लिखा, इंजेक्शन किसने लगाया और हालत बिगड़ने पर क्या उपचार हुआ। मेडिकल रिकॉर्ड और चिकित्सकीय जाँच ही मौत की वजह स्पष्ट कर सकती है।
मालती देवी की मौत से उनके तीन बच्चों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। परिवार को इलाज के दस्तावेज और अस्पताल का स्पष्ट जवाब मिलना इस मामले में अगला जरूरी कदम है।








