Ranchi | झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर छात्र आंदोलन अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। JPSC और JSSC की परीक्षाओं में निष्पक्षता और भ्रष्टाचार मुक्ति के संकल्प के साथ JPSC-JSSC भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान के दूसरे चरण का बिगुल बज चुका है।
इस राज्यव्यापी भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा का औपचारिक आगाज रामगढ़ जिले के नेमरा स्थित लुकैया टांड़ से हो रहा है—जो झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन का पैतृक गांव है।
नेमरा से शुरू होकर यह यात्रा राज्य के सभी 24 जिलों में पहुंचेगी, जिससे राज्य का राजनीतिक और प्रशासनिक पारा चढ़ना तय माना जा रहा है।
सखुआ रोपण, मांदर की थाप और राष्ट्रगान: पारंपरिक विधि से आगाज
आंदोलन की शुरुआत केवल एक राजनीतिक या प्रशासनिक विरोध नहीं, बल्कि झारखंड की माटी और सांस्कृतिक चेतना से जुड़ी पहल के रूप में की जा रही है।
कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ पाहन की मौजूदगी में पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों और विधि-विधान के साथ होगी। मांदर की गूंज पर राष्ट्रगान का गायन होगा और झारखंड की अस्मिता के प्रतीक सखुआ (साल) के पौधे का रोपण कर लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति निष्ठा दोहराई जाएगी।
24 जिलों का रूट मैप: कैसे आगे बढ़ेगा कारवां?
यह जनअभियान राज्य के हर हिस्से में युवाओं को एकजुट करने के लिए तैयार किया गया है। रामगढ़ से चलकर यह यात्रा चरणबद्ध तरीके से पूरे राज्य का भ्रमण करेगी।
रामगढ़ ➔ हजारीबाग ➔ चतरा ➔ कोडरमा ➔ गिरिडीह ➔ देवघर ➔ दुमका ➔ गोड्डा ➔ साहिबगंज ➔ पाकुड़ ➔ जामताड़ा ➔ धनबाद ➔ बोकारो ➔ पूर्वी सिंहभूम ➔ सरायकेला-खरसावां ➔ पश्चिमी सिंहभूम ➔ खूंटी ➔ सिमडेगा ➔ गुमला ➔ लातेहार ➔ पलामू ➔ गढ़वा ➔ रांची
यात्रा का मुख्य लक्ष्य जिला स्तर पर अभ्यर्थियों से सीधा संवाद स्थापित करना, अनियमितताओं पर जनसमर्थन जुटाना और भर्ती आयोगों की कार्यप्रणाली में बुनियादी बदलाव की मांग को बुलंद करना है।
सड़क से अदालत तक घेराबंदी: वकीलों की लीगल टीम रहेगी साथ
इस आंदोलन की सबसे मजबूत कड़ी इसकी कानूनी रणनीति है। सिर्फ सड़कों पर आवाज उठाने के बजाय अभ्यर्थियों को अदालत में भी मजबूत पैरवी का सहारा दिया जाएगा।
- इंटरवेनर बनने में सीधी मदद: जो अभ्यर्थी भर्ती विवादों से जुड़े न्यायिक मामलों में पक्षकार (इंटरवेनर) बनना चाहते हैं, उन्हें मौके पर ही कानूनी सलाह मिलेगी।
- वकालतनामा की सुविधा: यात्रा के साथ वरिष्ठ अधिवक्ताओं की लीगल टीम मौजूद रहेगी, जो वकालतनामा दाखिल करने और कानूनी दस्तावेज तैयार करने में सहयोग करेगी।
- संवैधानिक दायरा: अभियान का संचालन पूरी तरह अहिंसक, संवैधानिक और लोकतांत्रिक नियमों के तहत किया जाएगा।
छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो का बयान
झारखंड छात्र आंदोलन के प्रमुख नेता देवेन्द्र नाथ महतो ने स्पष्ट किया कि यह किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था के शुद्धिकरण की लड़ाई है।
“हमारा संकल्प साफ है—झारखंड में ऐसी भर्ती प्रणाली बने जहां मेधावी छात्रों के हक पर डाका न पड़े। यह यात्रा झारखंड के युवाओं के भविष्य, अधिकार और आत्मसम्मान की लोकतांत्रिक लड़ाई है। 24 जिलों का यह संपर्क अभियान राज्य के छात्र इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा।” — देवेन्द्र नाथ महतो, छात्र नेता
क्या बदलेगा सिस्टम का रुख?
शिबू सोरेन के पैतृक गांव से यात्रा की शुरुआत प्रतीकात्मक रूप से सत्ता और शासन दोनों पर सीधा दबाव बनाती है। अब देखना यह होगा कि 24 जिलों में युवाओं की इस लामबंदी के बाद भर्ती आयोग और राज्य सरकार क्या कदम उठाते हैं। क्या आयोग भर्ती कैलेंडर और परीक्षा प्रक्रिया में बड़े बदलाव लाएगा, या छात्रों का यह आक्रोश आने वाले दिनों में और बड़ा रूप लेगा?











