Ranchi। झारखंड में लंबे समय से लंबित नगर निकाय चुनाव की प्रक्रिया अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। राज्य के 48 नगर निकायों में चुनाव की औपचारिक घोषणा 27 जनवरी को होने जा रही है। अधिसूचना जारी होते ही नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी और संबंधित निकाय क्षेत्रों में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो जाएगी। राज्य चुनाव आयोग के प्रस्ताव के अनुसार फरवरी के अंत तक मतदान संपन्न कराया जाएगा।
राज्य चुनाव आयोग ने नगर निकाय चुनाव की तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। शुक्रवार को आयोग कार्यालय में सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारियों का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण करीब साढ़े चार घंटे तक चला, जिसमें बूथ गठन से लेकर मतगणना तक की पूरी चुनावी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया।
प्रशिक्षण सत्र में राज्य चुनाव आयुक्त और आयोग के सचिव ने अधिकारियों को यह स्पष्ट किया कि चुनाव के दौरान क्षेत्र स्तर पर किन-किन व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देनी है। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक समन्वय पर विशेष जोर दिया गया।
झारखंड में आधे से अधिक नगर निकायों में वर्ष 2020 से चुनाव लंबित हैं। कोरोना महामारी के दौरान सरकार ने सुरक्षा कारणों से निकाय चुनाव स्थगित कर दिए थे। इसके बाद ओबीसी आरक्षण और ट्रिपल टेस्ट को लेकर कानूनी अड़चनें सामने आईं, जिससे चुनाव प्रक्रिया बार-बार प्रभावित होती रही।
मामले में हस्तक्षेप करते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया कि हर हाल में 31 मार्च तक नगर निकाय चुनाव कराए जाएं और इसकी रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत की जाए। इसी निर्देश के बाद चुनाव प्रक्रिया को तेज किया गया।
प्रशासन और आयोग की तैयारी
झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार इस बार सभी निकाय क्षेत्रों में एक ही दिन बैलेट पेपर से मतदान कराया जाएगा। मतदान के तीसरे दिन मतगणना होगी। उदाहरण के तौर पर, यदि 25 फरवरी को मतदान हुआ तो 27 फरवरी को मतगणना कराई जाएगी।
चुनाव में मेयर या अध्यक्ष और वार्ड पार्षद के लिए एक ही बैलेट बॉक्स का इस्तेमाल किया जाएगा। मेयर और अध्यक्ष पद का बैलेट पेपर गुलाबी रंग का होगा, जबकि वार्ड पार्षद का मतपत्र सफेद रंग में होगा। मतगणना के समय पहले दोनों मतपत्रों को अलग-अलग छांटा जाएगा, फिर गिनती शुरू होगी।
किन नगर निकायों में होंगे चुनाव
राज्य में कुल 48 नगर निकायों में चुनाव प्रस्तावित हैं। इनमें
- 9 नगर निगम,
- 20 नगर परिषद,
- 19 नगर पंचायत शामिल हैं।
इन सभी क्षेत्रों में चुनावी गतिविधियां अधिसूचना के साथ ही तेज हो जाएंगी और प्रत्याशी नामांकन से लेकर प्रचार तक की प्रक्रिया में जुट जाएंगे।
जनता और राजनीतिक असर
नगर निकाय चुनाव स्थानीय विकास की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। सड़क, पानी, सफाई, स्ट्रीट लाइट और शहरी बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दे सीधे इन चुनावों से जुड़े होते हैं। लंबे अंतराल के बाद हो रहे इन चुनावों को लेकर शहरी मतदाताओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
राजनीतिक दलों के लिए भी यह चुनाव महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इसके नतीजे आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए माहौल तैयार करेंगे। स्थानीय मुद्दों पर जनता का रुझान दलों की रणनीति तय करेगा।
मतगणना के 20 दिनों के भीतर नगर निगमों में मेयर और नगर परिषद व नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का चुनाव कराया जाएगा। इस चुनाव में केवल वार्ड पार्षद मतदान करेंगे और उन्हीं में से कोई पार्षद इस पद के लिए चुना जाएगा। इससे पहले सभी वार्ड पार्षदों को शपथ दिलाई जाएगी।
आयोग का लक्ष्य है कि होली से पहले पूरी चुनावी प्रक्रिया संपन्न कर ली जाए, ताकि नए निर्वाचित निकाय समय पर कामकाज शुरू कर सकें।
झारखंड में नगर निकाय चुनाव की घोषणा शहरी प्रशासन के लिए एक नई शुरुआत मानी जा रही है। वर्षों से लंबित चुनाव अब समयसीमा में पूरे होने की दिशा में हैं। आने वाले हफ्तों में यह साफ हो जाएगा कि जनता किसे अपने शहरों की कमान सौंपती है।









