सरायकेला। सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना परिसर में सुरक्षा की गुहार लेकर पहुंची एक महिला के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) मनोज स्वर्गायारि के निर्देश पर मुख्य आरोपी वायरलेस ऑपरेटर समेत तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं, थाने में मौजूद रहते हुए घोर लापरवाही बरतने के आरोप में नौ पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
थाने में आश्रय लेने पहुंची महिला से दुष्कर्म का आरोप
पीड़िता द्वारा 31 अक्टूबर को दिए गए लिखित आवेदन के अनुसार, 29 अक्टूबर की शाम करीब 6 बजे पति से कहासुनी के बाद वह विवाद के डर से घर से निकल गई थी। पड़ोस की एक महिला की मदद से उसने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद रात करीब 12 बजे पीसीआर वाहन उसे सुरक्षित समझकर गम्हरिया थाना लेकर आया।
थाने में मौजूद पुलिसकर्मी ने महिला को थाने के बगल वाले कमरे में आराम करने की सलाह दी। आरोप है कि जब वह कमरे में विश्राम कर रही थी, तभी थाने के वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा ने कमरे में घुसकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज, 3 गिरफ्तार
महिला की लिखित शिकायत मिलते ही गम्हरिया थाना कांड संख्या 86/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(2)(a) और 68 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके तुरंत बाद मुख्य आरोपी आरक्षी 410 नीरज लकड़ा को गिरफ्तार कर लिया गया।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर सरायकेला एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। एसआईटी की जांच में संलिप्तता पाए जाने के बाद दो अन्य पुलिसकर्मियों—पुलिस अवर निरीक्षक (पुअनि) मनोज कुमार साहू और आरक्षी संतोष कुमार राय—को भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
लापरवाही के आरोप में 9 पुलिसकर्मी निलंबित
एसडीपीओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर थाने में सुरक्षा और ड्यूटी में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में नौ पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित कर पुलिस केंद्र (लाइन हाजिर) भेज दिया गया है। निलंबित होने वालों में शामिल हैं:
- पुअनि अजय पासवान
- पुअनि ललन रविदास
- सअनि विशु उरांव
- सअनि मुकेश कुजूर
- सअनि मुकेश रविदास
- सअनि सीताराम सिंह पाहन
- हवलदार पिताम्बर महतो
- हवलदार बहादुर हांसदा
- आरक्षी मनोज गोराई
एसपी ने खुद की जांच, जिले के सभी थानों के लिए सख्त फरमान
घटना के बाद एसपी मनोज स्वर्गायारि स्वयं गम्हरिया थाना पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने थाने में तैनात पुलिसकर्मियों से अलग-अलग पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। एसपी ने स्पष्ट किया कि मामले की निष्पक्ष जांच जारी है और किसी भी स्तर पर दोषी पाए जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
इसके साथ ही एसपी ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं:
- ड्यूटी पर नशे में मिले तो जाएगी नौकरी: थाना परिसर में ड्यूटी के दौरान या थाने में रहने वाला कोई भी पुलिसकर्मी नशे की हालत में पाया गया, तो उसके खिलाफ सीधे बर्खास्तगी तक की कार्रवाई होगी।
- महिला फरियादियों से सम्मानजनक व्यवहार: महिलाओं से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता से दर्ज किया जाए, महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी में ही पूछताछ हो और किसी भी महिला शिकायतकर्ता को अनावश्यक रूप से थाने में न बैठाया जाए।
- सीसीटीवी और रात्रि गश्त: थाने के सीसीटीवी कैमरे 24 घंटे चालू रहने चाहिए। रात्रि ड्यूटी रोस्टर की नियमित मॉनिटरिंग होगी।
- थाना प्रभारी की सीधी जवाबदेही: अधीनस्थ पुलिसकर्मियों के व्यवहार, अनुशासन और आचरण के प्रति संबंधित थाना प्रभारी सीधे जिम्मेदार होंगे।











