नेमरा/रामगढ़: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपने पैतृक गांव नेमरा में माता स्वर्गीय रूपी सोरेन के दशकर्म से जुड़े पारंपरिक अनुष्ठान पूरे किए। उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अनुष्ठानों में परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए। रूपी सोरेन की स्मृति में आयोजित होने वाले संस्कार भोज की तैयारियां भी लगभग पूरी हो चुकी हैं।
विज्ञप्ति के मुताबिक, दशकर्म की रस्में स्थानीय रीति-रिवाजों, सामाजिक मान्यताओं और पारिवारिक परंपराओं के अनुरूप संपन्न हुईं। मुख्यमंत्री और उनके परिजनों ने इस दौरान रूपी सोरेन का स्मरण किया।
पैतृक आवास पर पहुंच रहे रिश्तेदार और शुभचिंतक
रूपी सोरेन के निधन के बाद नेमरा स्थित पैतृक आवास पर रिश्तेदारों और शुभचिंतकों का आना जारी है। विभिन्न क्षेत्रों से पहुंच रहे लोग मुख्यमंत्री और उनके परिवार से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त कर रहे हैं तथा रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
संस्कार भोज के लिए भोजन, पेयजल और बैठक की व्यवस्था
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री स्वयं संस्कार भोज की तैयारियों और व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। आयोजन में आने वाले रिश्तेदारों, ग्रामीणों, शुभचिंतकों और अन्य आगंतुकों के लिए पंडाल, बैठक, भोजन, पेयजल, साफ-सफाई और प्रकाश की व्यवस्था की जा रही है।
तैयारियों में आगंतुकों की सुविधा और आयोजन स्थल पर आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता पर ध्यान दिया जा रहा है।
यातायात और पार्किंग के लिए प्रशासनिक प्रबंध
विज्ञप्ति में बताया गया है कि संभावित भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने नेमरा और आसपास के क्षेत्रों में विधि-व्यवस्था तथा आवागमन के लिए आवश्यक प्रबंध किए हैं।
वाहनों की पार्किंग, यातायात संचालन और आयोजन स्थल के आसपास लोगों की आवाजाही सुगम रखने पर ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर इन व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है।












