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BokaroJharkhand News

बोकारो डैम से पानी छोड़ा, नदी किनारे रहें सतर्क

बोकारो जिले में लगातार बारिश के बाद तेनुघाट, गरगा और कोनार जलाशयों में पानी के बहाव को नियंत्रित करने के लिए रविवार, 27 सितंबर को गेट खोले गए। अधिकारियों के हवाले से प्रकाशित रिपोर्ट में दामोदर नदी और अन्य जलधाराओं के निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई।

ध्यान दें: नीचे दिए गए जलस्तर और डिस्चार्ज के आंकड़े 27 सितंबर रात के समाचार अपडेट पर आधारित हैं। गेट संचालन बारिश, आवक और जलस्तर के अनुसार बदल सकता है; इन्हें लाइव स्थिति न मानें।

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तेनुघाट डैम का जलस्तर पूर्ण क्षमता के करीब

टाइम्स ऑफ इंडिया की 27 सितंबर रात 8:14 बजे की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार सुबह 6 बजे तेनुघाट डैम का जलस्तर 851.75 फीट दर्ज किया गया था। डैम का अधिकतम संरक्षण स्तर 852 फीट है। रिपोर्ट में छह रेडियल गेट खोले जाने की जानकारी दी गई।

उसी रिपोर्ट के मुताबिक, जलग्रहण क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में 17.4 मिमी बारिश हुई और स्पिलवे से 23,355 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था।

कोनार और गरगा में भी जल निकासी

रिपोर्ट में कहा गया कि DVC के कोनार प्रोजेक्ट ने रविवार रात 9 बजे से डिस्चार्ज करीब 1,100 से बढ़ाकर 5,000 क्यूसेक करने की घोषणा की थी। इसे रिपोर्ट के समय घोषित कदम के रूप में पढ़ें, मौजूदा डिस्चार्ज के आंकड़े के रूप में नहीं।

गरगा डैम का जलस्तर शनिवार को 765.4 फीट था, जो 767 फीट के खतरे के निशान से 1.6 फीट नीचे था। रिपोर्ट में गेट नंबर 3 को करीब पांच इंच खुला रखने की जानकारी भी दी गई। चास के एसडीओ के हवाले से कहा गया कि गेट संचालन जलस्तर और पानी की आवक के अनुसार नियंत्रित होगा।

निचले इलाकों में रहें सतर्क

रविवार रात की रिपोर्ट में नदी के निचले हिस्सों और पानी के बहाव वाले मार्गों के आसपास रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने तथा तेज धारा वाले चैनलों से दूर रहने की सलाह दी गई। जलाशयों की स्थिति बदल सकती है, इसलिए बाहर निकलने से पहले स्थानीय प्रशासन, बांध प्रभाग या DVC की नवीनतम सूचना देखें।

रिपोर्ट का समय 27 सितंबर रात है। सोमवार को प्रकाशित होने तक गेटों का संचालन या जलस्तर बदल चुका हो सकता है; नवीनतम आधिकारिक सूचना को प्राथमिकता दें।

स्रोत

The Times of India, 27 September 2026, 20:14 IST

चित्र: AI-निर्मित सांकेतिक दृश्य; यह वास्तविक तेनुघाट, गरगा या कोनार डैम की फोटो नहीं है।

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Subhash Shekhar

सुभाष शेखर पिछले दो दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। साल 2003 में बुंडू (झारखंड) की जमीनी समस्याओं को आवाज देने से शुरू हुआ उनका सफर आज 'Local Khabar' के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रभात खबर, ताजा टीवी, नक्षत्र न्यूज और राष्ट्रीय खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संपादकीय और ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाले सुभाष, आज के दौर के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जो खबर की बारीकियों के साथ-साथ वेब डिजाइनिंग और SEO जैसी तकनीकी विधाओं में भी महारत रखते हैं। वे वर्तमान में Local Khabar के संस्थापक और संपादक के रूप में झारखंड की जनपक्षीय खबरों का नेतृत्व कर रहे हैं।

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