रांची: चक्रवात ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने अधिकारियों को सतर्क रहने और जरूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई गई सूचना के अनुसार, 28 से 30 अक्टूबर 2026 तक भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलजमाव और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। नागरिकों से मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजुनाथ भजन्त्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा है। जलजमाव वाले क्षेत्रों, कमजोर मकानों और नदी-नालों के आसपास के इलाकों में विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
रांची में किस दिन कैसा रह सकता है मौसम?
मौसम केंद्र रांची के 26 अक्टूबर 2026 के मध्याह्न बुलेटिन में रांची और आसपास के क्षेत्रों के लिए यह पूर्वानुमान दिया गया है:
| तारीख | मौसम का पूर्वानुमान | अधिकतम/न्यूनतम तापमान |
|---|---|---|
| 27 अक्टूबर | सामान्यतः बादल, गरज या बारिश की संभावना | 28°C / 20°C |
| 28 अक्टूबर | सामान्यतः बादल और मध्यम दर्जे की बारिश | 26°C / 20°C |
| 29 अक्टूबर | सामान्यतः बादल और मध्यम दर्जे की बारिश | 25°C / 20°C |
| 30 अक्टूबर | सामान्यतः बादल, एक-दो बार हल्की से मध्यम बारिश | 26°C / 20°C |
यह पूर्वानुमान पूरे समय बिना रुके बारिश होने की बात नहीं कहता। बुलेटिन में 28 और 29 अक्टूबर को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश, गर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना भी जताई गई है।
स्रोत: संलग्न मौसम केंद्र रांची का बुलेटिन।
निचले इलाकों और कमजोर मकानों पर विशेष नजर
जिला प्रशासन की सूचना के मुताबिक, बारिश से निचले इलाकों और सड़कों पर पानी जमा हो सकता है। कच्चे मकानों, झुग्गी-झोपड़ियों और कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई गई है।
नदियों और बड़े नालों का जलस्तर बढ़ने पर आसपास के निचले क्षेत्रों में परेशानी हो सकती है। प्रशासन ने जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था तैयार रखने को कहा है। खेतों में पानी जमा होने से खड़ी फसलों को नुकसान की आशंका को देखते हुए किसानों को जरूरी सलाह देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विभागों को क्या जिम्मेदारी दी गई है?
आपदा प्रबंधन, राजस्व, नगर निगम, पुलिस, स्वास्थ्य, विद्युत और जल संसाधन सहित संबंधित विभागों को 28 से 30 अक्टूबर तक लगातार निगरानी रखने को कहा गया है।
स्थानीय प्रशासन और नगर निकायों को नालियों तथा जल निकासी के रास्तों की सफाई सुनिश्चित करनी है। जलजमाव की आशंका वाले क्षेत्रों और कमजोर मकानों वाली बस्तियों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश हैं।
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नागरिक इन बातों का रखें ध्यान
प्रशासन ने लोगों से निम्न सावधानियां बरतने की अपील की है:
- बारिश और तेज हवा के दौरान अनावश्यक बाहर निकलने से बचें।
- गरज-चमक होने पर पक्के भवन या सुरक्षित स्थान पर शरण लें।
- पेड़ों, बिजली के खंभों और होर्डिंग्स से दूर रहें। इनके नीचे वाहन पार्क न करें।
- नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास न जाएं।
- पानी भरी सड़कों पर वाहन चलाने से बचें।
- कच्चे या कमजोर मकानों में रहने वाले परिवार स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
किसी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन, पुलिस या आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने को कहा गया है। जिला प्रशासन के अनुसार, स्थिति की निगरानी की जा रही है और जरूरत के मुताबिक आगे निर्देश जारी किए जाएंगे।














