युसाकु मायेजावा  चांद पर नहीं जायेंगे अकेले

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#Tokyo: एक जापानी अरबपति चांद पर जाने वाला पहला टूरिस्ट बनेगा. इस शख्स का नाम युसाकु मायेजावा है. मायेजावा कपड़े की कंपनी जोजो के फाउंडर हैं. वो स्पेस एक्स के विमान से चंद्रमा तक जाएंगे.

प्राइवेट स्पेस कंपनी स्पेस एक्स ने सोमवार को ये सूचना दी. हालांकि स्पेस एक्स ने पिछले हफ्ते ही घोषणा की थी कि उसने लोगों को अंतरिक्ष में घुमाने की योजना बना ली है. जल्द ही वो लोगों को टूरिज्म के लिए अंतरिक्ष और चांद पर भेजना शुरू कर देगी. अब उसने फाइनल कर दिया मायेजावा उसके पहले मून टूरिस्ट होंगे. मायेजावा प्रेस से भी रू-ब-रू हुए. उन्होंने कहा, आखिरकार मैं चांद पर जाने के लिए चुन लिया गया हूं.

अकेले नहीं जाएंगे मायेजावा

मायेजावा का कहना था, जब से मैं बच्चा था, मैं चांद को लेकर सपने बुनता रहता था. अब ये साकार होने वाला है. मैं इस मौके को कतई गंवाना नहीं चाहता. वैसे मायेजावा अकेले इस यात्रा पर नहीं जाएंगे बल्कि वो अपने साथ छह से आठ आर्टिस्टों को लेकर जाने की योजना बनाए हुए हैं.

कौन हैं मायेजावा

मायेजावा जापान के सबसे बड़े आनलाइन शॉपिंग माल जोजोटाउन के फाउंडर हैं. फोर्ब्स के अनुसार, वो दुनियाभर की कलाकृतियां इकट्ठी करने के भी शौकीन हैं. उन्होंने वर्ष 2016 में 80 मिलियन डॉलर की कलाकृतियां खरीदीं.जिसमें जाने माने आर्टिस्ट जीन मिशेल बैस्क्विट और पाब्लो पिकासो की पेंटिंग्स शामिल हैं. फोर्ब्स ने कुछ दिनों पहले जापान के 50 धनी लोगों की लिस्ट बनाई थी. मायेजावा उसमें 18वें नंबर पर हैं.

यह यात्रा वर्ष 2023 में होगी

यह मिशन वर्ष 2023 में लॉन्च होने की उम्मीद है. अगर ये यात्रा अपनी योजना के अनुसार हुई तो युसाकु मायेजावा 2023 में बिग फाल्कन रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष की सैर करेंगे. अब तक 24 लोग चांद पर जा चुके हैं. लेकिन वो सभी विभिन्न अंतरिक्ष संस्थानों द्वारा भेजे गए अंतरिक्ष यात्री थे. आखिरी बार वर्ष 1972 में अपोलो मिशन हुआ था और इसके बाद से कोई भी मनुष्‍य चांद पर नहीं गया है.

बिग फॉल्कन रॉकेट

• इस ट्रिप को साकार करने के लिए स्पेस एक्स एक बिग फॉल्कन रॉकेट बना रहा है, जिसमें नौ मीटर का एक बूस्टर होगा. ये मंगल तक सौ यात्रियों को ले जा सकेगा.

• यह रॉकेट 118 मीटर लंबा है और इसमें पैंसेजर के लिए खास शिप होगी.

• स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने कंपनी के बिग फाल्कन रॉकेट के बारे में बताया. हालांकि एलन मस्क ने फरवरी 2017 में घोषणा की थी कि उनकी कंपनी स्पेस में टूरिस्ट भेजेगी. तब उन्होंने ये भी कहा था कि ये लांच 2018 में होगा, लेकिन ऐसा हो नहीं सका. कंपनी को इसके लिए जिस फाल्कन हैवी रॉकेट और ड्रैगन कैप्सूल का इस्तेमाल करना था, वो बन ही नहीं सके.

• स्पेस एक्स का फाल्कन 9 रॉकेट और ड्रेगर स्पेसक्राफ्ट पहले इंटरनेशनल स्पेस सेंटर तक सामान लेकर जा चुका है और वापस धरती पर लौट चुका है.

• अब कंपनी को उम्मीद है कि वो अपने इस रॉकेट का इस्तेमाल करके लोगों को अंतरिक्ष में ले जा सकती है.

• इस विशाल रॉकेट का परीक्षण वर्ष 2019 में शुरू होने की उम्मीद है.

तब स्पेस एक्स क्यों नहीं भेज पाई टूरिस्ट

इस अवसर पर स्पेस एक्स के सीईओ एलन मस्क ने कंपनी के बिग फाल्कन रॉकेट के बारे में बताया. हालांकि मस्क ने फरवरी 2017 में घोषणा की थी कि उनकी कंपनी स्पेस में टूरिस्ट भेजेगी. तब उन्होंने ये भी कहा था कि ये लांच 2018 में होगा, लेकिन ऐसा हो नहीं सका. कंपनी को इसके लिए जिस फाल्कन हैवी रॉकेट और ड्रैगन कैप्सूल का इस्तेमाल करना था, वो बन ही नहीं सके.

महंगी होगी स्पेस ट्रिप

ये स्पेस ट्रिप महंगी होगी. इस पर कितना खर्च आएगा, इसके बारे में तो स्पेस एक्स ने फिलहाल नहीं बताया है और ना ही बताया है कि मायेजावा ने उन्हें कितना धन दिया है. इस साल जून में एक और प्राइवेट स्पेस कंपनी एक्सिम ने घोषणा की थी वो लोगों को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन और अंतरिक्ष मिलाकर दस दिनों की सैर कराएगी. इस ट्रिप के लिए उसने 55 मिलियन डॉलर का खर्च घोषित किया था.

एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स का फाल्कन 9 रॉकेट और ड्रेगर स्पेसक्राफ्ट पहले इंटरनेशनल स्पेस सेंटर तक सामान लेकर जा चुका है और वापस धरती पर लौट चुका है. अब कंपनी को उम्मीद है कि वो अपने इस रॉकेट का इस्तेमाल करके लोगों को अंतरिक्ष में ले जा सकती है. स्पेस एक्स ने पिछले महीने घोषणा की थी कि उसका पहला मानव युक्त क्रू ड्रेगन मिशन अप्रैल 2019 में इंटरनेशनल स्पेस सेंटर में नासा के दो अंतरिक्षयात्रियों को लेकर जाएगा.

कितनी दूर है चांद

इंटरनेशनल स्पेस सेंटर धरती से 254 मील (408 किलोमीटर) दूर अंतरिक्ष में है. वहीं चांद की कक्षा धरती से 238,855 मील (384,400 किमी) दूर है. मायेजावा को चांद तक पहुंचने में तीन दिन लगेंगे. इस ट्रिप को साकार करने के लिए स्पेस एक्स एक बिग फॉल्कन रॉकेट बना रहा है, जिसमें नौ मीटर का एक बूस्टर होगा. ये मंगल तक सौ यात्रियों को ले जा सकेगा.

वर्जिन ने भी किया था दावा

रिचर्ड बेनसन ने भी लोगों को अंतरिक्ष में घुमाने का दावा किया था लेकिन उनकी ये योजना सिरे नहीं चढ़ सकी. इसी तरह एक और ट्रेवल एजेंसी स्पेस एडवेंचर ने सात स्पेस टूरिस्टों की बुकिंग की थी, जो रूस के सोयूज एयरक्राफ्ट के साथ इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन जाने वाले थे लेकिन वो टूर इसलिए नहीं हो सका, क्योंकि रूस ने अपना स्पेस टूरिस्म प्रोग्राम को स्थगित कर दिया.

ये थे पहले अंतरिक्ष पर्यटक

डेनिस टीटो संयुक्त राज्य अमेरिका के निवासी हैं जो सर्वप्रथम अंतरिक्ष पर्यटक बने। उन्होंने 28अप्रैल 2006 से 06 मई 2006 के बीच अंतरिक्ष में रहने का रिकॉर्ड बनाया था.

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