विश्व पर्यावरण दिवस 2018: प्लास्टिक को अपनी जिंदगी से निकालिए, जानिए ये 10 बड़ी बातें

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#NEW DELHI : दुनिया में हर साल पर्यावरण के प्रति जागरुकता लाने के लिए 5 जून को पर्यावरण दिवस मनाया जाता है. इस बार का थीम है बीट द प्लास्टिक. यह हम सभी जानते हैं कि प्लास्टिक पर्यावरण और हमारी सेहत के लिए बेहद नुकसानदेह साबित होता जा रहा है. सुबह से लेकर रात तक के डेली रूटीन पर आप गौर करेंगे तो आप पाएंगे कि प्लास्टिक आपके इस्तेमाल में काफी ज्यादा है जो आपको नुकसान पहुंचा रहा है. हम घर से बाहर चाय भी प्लास्टिक के कप में पीते हैं. पानी भी प्लास्टिक की बोतल में पीते हैं. लिहाजा प्लास्टिक रोजमर्रा के जीवन में काफी घुल गया है.

गौर हो कि प्लास्टिक बैग्स कई जहरीले केमिकल्स से मिलकर बनते हैं जिनसे सेहत और पर्यावरण को काफी हानि होती है. प्लास्टिक बैग्स बनाने में जायलेन, इथिलेन ऑक्साइड और बेंजेन जैसे केमिकल्स का इस्तेमाल होता है. इससे बहुत सी बीमारियां होती हैं. प्लास्टिक के केमिकल पर्यावरण के लिए भी बेहद नुकसानदेह होते हैं जो मानव, जानवरों, पौधों आदि को काफी नुकसान पहुंचाते हैं. प्लास्टिक को फेंकने में भी पर्यावरण का नुकसान होता है. साथ ही उसे जलाने पर भी जहरीले केमिकल्स का उत्सर्जन होता है जो पर्यावरण और सेहत के लिए बेहद नुकसानदेह साबित होता है.

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आइए प्लास्टिक के बारे में जानते हैं 10 बड़ी बातें –

दुनिया में हर साल 500 बिलियन प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल होता है.

हर साल 8 मिलियन टन प्लास्टिक महासागर में समाते हैं .

पॉलिथिन के बारे में ये कहा जाता है कि यह 1000 साल में भी नष्ट नहीं होता है.

दुनिया में प्रति मिनट 1 मिलियन प्लास्टिक की बोतलें खरीदी जाती है.

जो भी वेस्ट जेनरेट होता है उसमें प्लास्टिक 10 फीसदी होता है.

प्लास्टिक से बने बच्चों के खिलौनों में जिन रंगों का उपयोग होता है वह भी बहुत ज्यादा खतरनाक होता है.

प्लास्टिक से बने खिलौनों में सीसा और आर्सेनिक का उपयोग होता है जो विषैले होते है.

एक सर्वे के मुताबिक प्लास्टिक के सामान के उपयोग से 90 फीसदी कैंसर की संभावना होती है.

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प्लास्टिक जलाने पर भारी मात्रा में केमिकल उत्सर्जन होता है जो सांस के साथ शरीर में प्रवेश कर सांस की प्रक्रिया को प्रभावित करता है.

प्लास्टिक बैग्स बनाने में जायलीन, इथलीन ऑक्साइड और बेंजीन जैसे केमिकल्स का इस्तेमाल होता है.

 

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