Take a fresh look at your lifestyle.

सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के एंट्री का फैसला, नाखुश पुजारी

0

New Delhi: केरल के सबरीमाला मंदिर में 10-50 साल की उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर रोक को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर  आज सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर के अंदर सभी महिलाओं को इजाजत दे दी है. यानी अब हर उम्र की महिला सबरीमाला मंदिर में प्रवेश कर सकेगी.  मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने आठ दिनों तक सुनवाई करने के उपरांत 1 अगस्त को इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

Like पर Click करें Facebook पर News Updates पाने के लिए

अभिनेता-राजनेता कमल हासन ने इस पूरे मामले पर अपना बयान देते हुए कहा कि यह एक अच्छा फैसला है. मैं कभी किसी मंदिर में नहीं गया हूं. लेकिन जो कोई भी मंदिर जाने की इच्छा रखता है उन्हें इसकी अनुमति दी जानी चाहिए. हर किसी की अपनी आस्था और विश्वास होता है.

बता दें कि सबरीमाला के मुख्य पुजारी कंडारारू राजीवारू ने इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि निराश हूं लेकिन महिलाओं के प्रवेश पर उच्चतम न्यायालय का निर्णय स्वीकार है.

फैसले के बाद रिव्‍यू पिटिशन डालेंगे मुख्‍य पुजारी

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मंदिर के मुख्य पुजारी के पोते राहुल एश्वर ने आज का दिन निराशजनक बताया. उन्होंने कहा कि वो इस फैसले के खिलाफ रिव्यू पिटिशन फाइल करेंगे. इस फैसले से भक्त बेहद निराश हैं. सबरीमाला मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नाखुश मुख्य पुजारी, बोले- देश की सबसे बड़ी अदालत का ये फैसला है तो मानना पड़ेगा

कन्नड़ अभिनेत्री और मंत्री जयमाला ने कोर्ट के फैसले की तारीफ की

कन्नड़ अभिनेत्री और मंत्री जयमाला ने कोर्ट के फैसले की सराहना की है. साल 2005 में जयमाला को मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया गया था.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से निराश भक्त

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से निराश भक्त, बोले-  विश्वास और अधिकारों को अलग-अलग करने में असफल रहा कोर्ट. यहां महिलाओं के अधिकारों से कोई लेना देना नहीं था. मंदिरों के रीति रिवाज अलग होते हैं और ये बात कोर्ट समझने में असफल रहा.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More