सर्दी में कंबल घोटाला मामला गर्म, जोर पकड़ी सीबीआई जांच की मांग

by

मंत्री सरयू राय ने कहा- सीबीआई जांच कराए सरकार

Ranchi: झारखंड में झारक्राफ्ट के द्वारा कंबल खरीद के मामले में राज्य के महालेखाकार की रिपोर्ट सामने आने के बाद मंत्री सरयू राय ने कहा है कि सरकार को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए. साथ ही इस मामले में सरकार सीबीआइ जांच कराए.

मंत्री ने कहा है कि महालेखाकार की रिपोर्ट से स्पष्ट हो गया है कि कंबल खरीद में भारी गड़बड़ी की गई है. वैसे भी इस मामले पर पहले से सरकार की किरकिरी होती रही है. इसलिए कार्रवाई करयह संदेश दिया जाना चाहिए कि भ्रष्टाचार के साथ सरकार समझौता नहीं करना चाहती. शनिवार को सरयू राय जमशेदपुर स्थित अपने आवास पर मीडिया से बात कर रहे थे.

मंत्री ने यह भी बताया है कि कुछ दिनों पहले झारक्राफ्ट की तत्कालीन सीईओ रेणु गोपीनाथ उनसे मिली थी. वे भी चाहती है कि इस मामले की जांच के निष्कर्ष के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए.

रेणु गोपीनाथ
रेणु गोपीनाथ

मंत्री ने कहा है कि साल 2018 के फरवरी- मार्च महीने में कंबल घोटाला उजागर हुआ. प्रारंभिक जांच के आधार पर तत्कालीन विकास आयुक्त ने तत्कालीन उद्योग सचिव को इसकी जांच एसीबी से कराने के लिए लिखित आदेश दिय था. लेकिन विकास आयुक्त के निर्देश का अनुपालन नहीं हुआ.

महालेखाकार का खुलासा

गौरतलब है कि 27 दिसंबर को प्रधान महालेखाकार ने सीनेडिन्चेलियन ने इस बाबत जानकारी दी थी कि फर्जी दस्तावेज के आधार पर 18.41 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया. महालेखाकार ने यह भी कहा था कि पानीपात से धागे लाकर कंबल बनाने के सिलसिले में झारक्राफ्ट द्वारा तैयार दस्तावेज पर विश्वास नहीं किया जा सकता.

विपक्ष ने भी घेरा

महालेखाकार की रिपोर्ट सामने आने के बाद नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन, झारखंड विकास मोर्चा विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने भी सरकार को सवालों के घेरे में लिया है. हेमंत सोरेन का कहना है कि सरकार इस घोटाले पर परदा डालने में जुटी है.

 

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.