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द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर ही क्‍यों, नोटबंदी, किसान आत्महत्या, मेहुल पर फिल्‍में क्‍यों नहीं

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बायोपिक ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ का ट्रेलर रिलीज होने के बाद राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज झा ने बीजेपी को सवालों के घेरे में लिया है.

मनोज झा ने कहा है कि ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ ही क्यों, नोटबंदी किसान आत्हत्या, रफाल और मेहुल चौकसी पर भी फिल्में बनाई जाएं. हम इन फिल्मों के प्रति आशान्वित हैं.’

मनोज झा कहते हैं ” पूरी दुनिया में कभी किसी पॉलिटिकल पार्टी के ट्वीटर हैंडल से फिल्म का प्रमोट करते हुए देखा है‘ बीजेपी ने इस फिल्म क लेकर यहा किया. दरअसल यह फिल्म आकस्मिक नहीं है. इसके संकेत हैं कि फिल्म के निर्माण में पैसे भी लगाए गए.

राजद नेता का कहना है कि इस फिल्म में कथानक के जरिए नेहरू के बाद हुए सबसे जेंटल पीएम को नीचा दिखाने की कोशिश की जा रही है. वे बताते हैं कि  मैंने संजय बारी की वो किताब सरसरी निगाहों से पढ़ी है. और फिल्म की ट्रेलर भी देखी.

काबिलियत

उनका कहना है कि डॉ मनमोहन सिंह की काबलियत या देश के लिए एक राजनेता, अर्थशास्त्री, प्रधानमंत्री के तौर पर उनका क्या योगदान रहा है, इसे हासिल करने और समझने के लिए वर्तमान प्रधानमंत्री और उनकी टीम के लिए लंबा समय लग सकता है. ज्यादा गुंजाइश इसकी भी है कि वे इसे समझ नहीं पाएंगे. हासिल करना शायद नामुमकिन भी हो सकता है.

मनोज झा बताते हैं कि कृषि रिफॉर्म, युवाओं के रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य का निजीकरण जैसी समस्या मुल्क के सामने खड़ी है और इसके बदले देश में ‘द ऐक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’, नमाज पार्क में होगी या नहीं इन पर बात हो रही है.

राजद सांसद का कहना है कि इस फिल्म और बीजेपी की सक्रियता पर गौर करें, तो अनुपम खेर साहब की भूमिका भी साफ होती नजर आएगी.

कांग्रेस में भी नाराजगी

इस बीच कांग्रेस ने भी अनुपम खेर अभिनीत फिल्म ‘द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ को अपनी पार्टी के खिलाफ भाजपा का दुष्प्रचार करार दिया है. कई कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा का यह दुष्प्रचार काम नहीं करेगा और सच की जीत होगी.

गौरतलब है कि यह फिल्म फिल्म 2004 से 2008 तक डॉ मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार रहे संजय बारू की पुस्तक पर आधारित है.

फिल्म में डॉ मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री बनने और बाद में कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति के  शिकार होने के रुप में दिखाया गया है.

हालांकि प्रधानमत्री के तौर पर डॉ मनमोहन सिंह ने स्पष्ट तौर पर स्वीकार्य किया है कि 2008 तक उन्होंने न्यूनतम साझा कार्यक्रम ( कॉमन मिनमम प्रोग्राम) के तहत कार्य किया.

विशेषज्ञ बताते हैं कि डॉ. मनमोहन सिंह को इसलिए प्रधानमंत्री चुना गया, क्योंकि उस समय बाजार और सुधार (रिफॉर्म) समर्थकों में उनका चेहरा सबसे ज्यादा स्वीकार्य था.

‘द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर के ट्रेलर ने रिलीज होते ही धमाल मचा दिया था और इसे अब तक एक करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है.पूर्व प्रधानमंत्री की भूमिका अनुपम खेर तथा संजय बारू का रोल बालीवुड के अभिनेता अक्षय कुमार निभा रहे हैं.

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