भगवान श्रीकृष्‍ण को जन्‍माष्‍टमी में क्‍यों झुलाया जाता है झुला

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जन्माष्टमी पर व्रत रखने वाले भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करने के दौरान कुछ खास विधि जरूर करते हैं. इन्हीं में से एक है कान्हा को पालने पर झुलाना. नई जेनरेशन के लोगों के दिमाग में अक्सर सवाल उठता है कि आखिर जन्माष्टमी पर पूजा के दौरान पालने पर भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति या तस्वीर को क्यों झुलाया जाता है?

दरअसल, कृष्णाश्रयी शाखा से जुड़े भक्त इस सवाल का उत्तर कई पहलूओं से समझाते हैं. उन्हीं में से एक यह है कि जन्माष्टमी को व्रतराज कहा जाता है. यानी सभी व्रतों में प्रमुख. वे कहते हैं कि भगवान श्रीकृष्ण ने बालकाल में ज्यादातर कलाएं पालने में लेटे-लेटे ही दिखाया था. इसी वजह से जन्माष्टमी की पूजा में कोशिश की जाती है कि पालने का इंतजाम जरूर हो.

श्रीकृष्‍ण को माखन मिश्री का क्‍यों चढ़ाया जाता है भोग

वृंदावन में श्रीकृष्ण एक नटखट बालक थे, जिसे गांव में उनकी शरारतों के लिए जाना जाता था. श्रीकृष्ण को बचपन से ही मक्खन बेहद पंसद था. कहा जाता है कि मैया यशोदा हर रोज खुद अपने हाथों से माखन मिश्री बनाकर श्रीकृष्ण खिलाती थीं लेकिन श्रीकृष्ण को माखन इतना पंसद था कि वह पूरे गांव में मथा हुआ माखन चुराकर खाते थे. श्रीकृष्ण को माखन चुराने से रोकने के लिए एक बार उनकी मां ने उन्हें एक खंभे से बांध दिया था.

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श्रीकृष्ण की इस हरकत के चलते उनका नाम माखन चोर पड़ा और जन्माष्टमी के पावन अवसर पर उनके भक्त मुख्य भोग के तौर पर उन्हें माखन मिश्री का भोग लगाते हैं. इसके अलावा भगवान के लिए छप्पन भोग भी बनाया जाता है जिसमें 56 तरह की खाने की कई चीजें शामिल होती हैं. भगवान को भोग लगने के बाद इन सभी चीज़ों को भक्तों में बांटा जाता है और इस प्रसाद को ग्रहण करने बाद वे अपना व्रत तोड़ते हैं.

माना जाता है छप्पन भोग में श्रीकृष्ण के पंसदीदा व्यंजन होते हैं जिसमें अनाज, फल, ड्राई फ्रूट्स, मिठाई, पेय पदार्थ, नमकीन और आचार की श्रेणी में आने वाले आठ प्रकार की चीजें होती हैं. छप्पन भोग में सामान्य रूप से माखन मिश्री खीर और रसगुल्ला, जलेबी, रबड़ी, मठरी, मालपुआ, मोहनभोग, चटनी, मुरब्बा, साग, दही, चावल, दाल, कढ़ी, घेवर, चीला, पापड़, मूंग दाल का हलवा, पकोड़ा, खिचड़ी, बैंगन की सब्जी, लौकी की सब्जी, पूरी, बादाम का दूध, टिक्की, काजू, बादाम, पिस्ता जैसी चीजें शामिल होती हैं. अगर भक्त भगवान को छप्पन भोग प्रसाद में नहीं चढ़ा पाते हैं तो माखन मिश्री एक मुख्य भोग है जो आमतौर पर जन्माष्टमी के मौके पर श्रीकृष्ण को चढ़ाया जाता है.

माखन मिश्री घर पर बनाने की विधि

माखन मिश्री बनाने में बेहद ही आसान है. इसे बनाने के लिए आपको सिर्फ बिना नमक वाली मलाई और मिश्री के दानों की जरूरत होती है. आप फुल क्रीम दूध से भी मलाई इकट्ठा कर सकते हैं. कुछ दिनों तक आप दूध की मलाई को इकट्ठा करते रहें. जब आपके पास काफी सारी मलाई हो जाए तो इसे ठंडे पानी की मदद से मथे मलाई से मक्खन अलग होने लगेगा. मलाई को मथना जारी रखें जब तक मक्खन पूरी तरह अलग न हो जाए. मक्खन को इकट्ठा करके एक घंटे तक फ्रीज में ठंडा होने के लिए रख दें। कुछ मिश्री के दाने और ड्राई फ्रूट्स डालकर अब आप इसे भगवान को भोग लगा सकते हैं.

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