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राहुल गांधी के लिए क्‍यों महत्‍वपूर्ण है वायनाड सी, जानें 10 खास बातें

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New Delhi: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Congress President Rahul Gandhi) ने इस बार यूपी की अमेठी (Amethi) के अलावा केरल की वायनाड (Wayanad) सीट से भी चुनाव लड़ने का फैसला लिया है. राहुल गांधी गुरुवार को साढे 11 बजे कलपेट्टा में वायनाड जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपना नामांकन भरेंगे. पार्टी महासचिव और बहन प्रियंका गांधी के भी इस मौके पर मौजूद रहने की संभावना है.

विपक्ष जहां यह कह रहा कि अमेठी में माहौल खराब होने के कारण राहुल ने केरल का रुख किया है, वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस के लिए वायनाड भी सुरक्षित सीट है.

2019 का लोकसभा चुनाव (2019 Lok Sabha Election) बहुत महत्वपूर्ण है, ऐसे में राहुल गांधी किसी भी तरह का खतरा मोल नहीं लेना चाहते. अमेठी में स्मृति ईरानी ने राहुल की तगड़ी घेराबंदी कर रखी है. बहरहाल, राहुल गांधी के केरल में भी चुनाव लड़ने के कदम पर वामदलों में बेचैनी है. उन्होंने चुनावी सबक सिखाने तक की बात कह दी है.

राहुल गांधी के वायनाड चुनाव से जुड़ीं 10 खास बातें

  1. राहुल गांधी ने इस बार अमेठी के साथ-साथ वायनाड सीट से भी लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला लिया है. वायनाड सीट कांग्रेस के लिए सुरक्षित मानी जा रही है. इस वजह से राहुल यहां से भी ताल ठोंक रहे हैं
  2. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों सीटों पर जीत के बाद राहुल गांधी बहन प्रियंका गांधी के लिए अमेठी की सीट खाली कर सकते हैं.
  3. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के केरल की वायनाड सीट (Wayanad Seat) से भी चुनाव लड़ने पर उन पर विरोधी दलों ने निशाना भी साधना शुरू किया है. वामदलों ने कहा कि वे राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को सिखाएंगे कि ‘जमीन पर चुनाव कैसे लड़ा जाता है.’ हालांकि, कांग्रेस का कहना है कि राज्य में उसके अध्यक्ष की जीत को कुछ भी प्रभावित नहीं करेगा.
  4. राहुल गांधी के वायनाड सीट से नामांकन पत्र भरने को लेकर भाकपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘हम यह चुनाव जीतने के लिए लड़ेंगे.’ केरल में वामपंथी दलों के गठबंधन वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने वायनाड संसदीय क्षेत्र से भाकपा के पीपी सुनीर को उतारा है. इस क्षेत्र में सात विधानसभा सीटें आती हैं, जिसमें से वायनाड और मलपुरम जिलों की तीन-तीन और कोझीकोड जिले की एक सीट शामिल है.
  5. भाकपा के वायनाड जिले के नेता विजयन चेरूकारा ने कहा कि एलडीएफ उम्मीदवार ने प्रचार के लगभग तीन चरण पूरे कर लिए हैं और वह करीब चार पांच लाख मतदाताओं से सीधे तौर पर जुड़े हैं. उन्होंने कहा कि चौथे चरण में परिवारों से मिला जाएगा और यह दो दिन में शुरू होगा
  6.  वामदलों का मानना है कि क्षेत्र की जनता गांधी जैसे व्यक्ति को नहीं चुनेगी, क्योंकि वह राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में व्यस्त कार्यक्रम के कारण उनके मुद्दों पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित नहीं कर पाएंगे.
  7. विजयन चेरूकारा ने  कहा, ‘राहुल गांधी अदृश्य भगवान की तरह हैं. उनके लिए अपने पारिवारिक गढ़ अमेठी (उत्तर प्रदेश) से जीतना आसान होगा, लेकिन वायनाड की धरती कुछ अलग है.
  8. वाम नेताओं ने कहा कि गांधी के केरल से चुनाव लड़ने के फैसले से कुछ वाम नेताओं का मनोबल गिरा है लेकिन ‘हमारे कार्यकर्ता ज्यादा ऊर्जावान हैं और चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं.’
  9. चेरूकारा ने कहा कि वाम कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस और भाजपा की ‘किसान विरोधी, आदिवासी विरोधी और अल्पसंख्यक विरोधी नीतियों’ के खिलाफ जमीन पर अभियान शुरू किया है.
  10. हालांकि, कांग्रेस का कहना है कि वायनाड में ‘राहुल गांधी के खिलाफ कोई भी मुद्दा काम  काम नहीं करेगा.’ वायनाड जिला कांग्रेस महासचिव डीपी राजशेखरन ने कहा कि वायनाड से कांग्रेस की उम्मीदवारी ने राज्य में कांग्रेस नीत यूडीएफ के कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भर दी है और उनकी उपस्थिति ही मोर्चे को राज्य की सभी 20 लोकसभा सीटें जीतने में मदद करेगी.

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