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यहां सैनिक हथौड़े से अंडे क्‍यों तोड़ते हैं

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New Delhi: सियाचिन में जीवन कितना कठिन है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वहां तैनात सैनिकों ने एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें वे अंडों को हथौड़े से तोड़ते नजर आ रहे हैं. सियाचिन में तापमान शून्य से नीचे 40 डिग्री से लेकर शून्य से नीचे 70 डिग्री सेल्सियस तक हो सकता है.

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में इस बात की झलक देखी जा सकती है कि दुनिया के सबसे ऊंचे युद्ध के मैदान में सैनिकों को हर रोज कितनी मुश्किलों का सामना करना होता है.

वीडियो में तीन सैनिकों को फल जूस के खुले टेट्रा पैक को तोड़ते देखा जा सकता है, और उसे तोड़ने के बाद भी बर्फ ही निकलती है.

उसके बाद वे बताते हैं कि जूस पीने के लिए उन्हें उसे उबालना पड़ता है. वीडियो से यह भी पता चलता है कि यदि आप सियाचिन में हैं तो तोड़ना आम बात है. सैनिक बताते हैं कि उन्हें अंडे तोड़ने के लिए हथौड़े की जरूरत पड़ती है.

एक ट्विटर यूजर ने लिखा है, ‘‘हमारे सैनिक सियाचिन में कितने कठिन मौसम का सामना करते हैं. इसे तथाकथित लिबरलों और सेकुलरों को भेजें, जो भारतीय सेना का मनोबल गिराने का कोई मौका नहीं छोड़ते.’’

एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘‘हे भगवान यह बहुत दुखद है…हमारे बहादुर और क्षमतावान सियाचिन के सैनिकों को सलाम. इन जांबाजों का जीवन इतना कठिन है.’’

रक्षा मंत्री राजनाथ गए थे सियाचिन

देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 3 जून सोमवार को सियाचिन ग्लेशियर के दौरे पर गए थे. उन्‍होंने पाकिस्तान से लगी सीमाओं पर सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया था. रक्षा मंत्रालय का प्रभार संभालने के बाद राजनाथ सिंह की ये पहली यात्रा थी. सियाचिन ग्लेशियर जिसे दुनिया का सबसे खतरनाक युद्धक्षेत्र कहा जाता है. राजनाथ सिंह से पहले रक्षा मंत्री रहे शरद पवार, जॉर्ज फर्नांडीज, मुलायम सिंह यादव और निर्मला सीतारमण ने भी सियाचिन का दौरा किया था.

कोराकोरुम रेंज में स्थित सियाचिन ग्लेशियर दुनिया का सर्वोच्च सैन्य क्षेत्र है, जहां जवानों को अत्यधिक सर्दी और तेज हवाओं का सामना करना पड़ता है. सर्दियों में ग्लेशियर पर भूस्खलन और हिमस्खलन आम बात है. यहां तापमान शून्य से 60 डिग्री सेल्सियस नीचे तक चला जाता है.

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